रतलाम / सैलाना। आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान के प्रतीक ‘जय जोहार’ के नारे को लेकर भोपाल में सामने आए कथित विवाद की गूंज अब सैलाना तक पहुंच गई है। भोपाल के मिसरोद क्षेत्र में आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ कथित गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार के मामले में शुक्रवार को आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर पुलिस अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित पुलिस अधिकारी की भूमिका की जांच करने तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।
ज्ञापन पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार, सैलाना के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस एवं आईपीएस अधिकारी लेखराज मीणा तथा सैलाना थाना प्रभारी दीपक मंडलोई को संबोधित किया गया। ज्ञापनकर्ताओं ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से हस्तक्षेप कर वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जय जोहार केवल अभिवादन नहीं, आदिवासी समाज की पहचान
ज्ञापन में कहा गया कि आदिवासी समाज के लिए ‘जय जोहार’ केवल अभिवादन का शब्द नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा, सामाजिक पहचान और आत्मसम्मान का प्रतीक है। ऐसे में इस शब्द को लेकर कथित विरोध और आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार की घटना चिंताजनक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल के मिसरोद क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान ‘जय जोहार’ का नारा लगाने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया गया। संगठनों ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए और संबंधित पुलिस अधिकारी की भूमिका की भी जांच की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई हो, अधिकारियों की जवाबदेही तय करें
ज्ञापनकर्ताओं ने मांग की कि जांच में संज्ञेय अपराध के पर्याप्त तथ्य सामने आने पर लागू कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएं तथा मामले में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि आदिवासी समाज का उद्देश्य किसी के प्रति दुर्भावना रखना नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और कानून के निष्पक्ष पालन को सुनिश्चित कराना है। संगठनों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई की जानकारी नियमानुसार उपलब्ध कराने की मांग की।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि चंदू मईड़ा, भारत आदिवासी पार्टी के जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुनील निनामा, सैलाना ब्लॉक अध्यक्ष सुनील चारेल, भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा सैलाना अध्यक्ष राकेश माल, जयस अध्यक्ष गोलू मईड़ा, सैलाना कॉलेज अध्यक्ष दिलीप चारेल, मुकेश निनामा, अजय निनामा, पिंकेश निनामा, विकास डोडियार, नानू डोडियार, आवेश चारेल, पुखराज खराड़ी, करन खराड़ी, कुणाल खराड़ी, शामू भील, सोनू भील, नीरज भाभर, रामलाल डिंडोर, बंतीलाल पारगी एवं राजकुमार डामोर सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
ज्ञापनकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानून सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत