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अंतरराष्ट्रीय डेस्क ईरान और अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि एक अमेरिकी पायलट अब भी लापता बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान के सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर हवाई हमले कर रहे हैं। इसके जवाब में ईरान भी मिसाइल और ड्रोन से पलटवार कर रहा है। दोनों पक्षों के बीच सीधी सैन्य कार्रवाई तेज होने से हालात युद्ध जैसे हो गए हैं। यह संघर्ष अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और लगातार उग्र होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है। वैश्विक स्तर पर भी इस युद्ध का असर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है और स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ में बढ़ते खतरे के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। इससे कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। उधर, अमेरिका में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर युद्ध को लेकर दबाव बढ़ रहा है और रक्षा नीति में बड़े बदलाव की चर्चाएं सामने आ रही हैं। इस बीच, युद्ध का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग प्रभावित हुए हैं, लाखों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और अस्पतालों व बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। मौजूदा हालात को देखते हुए साफ है कि यह संघर्ष अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति और वैश्विक स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। |