रतलाम / बाजना
लगातार बढ़ती भीषण गर्मी ने बाजना क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में पेयजल संकट को विकराल रूप दे दिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर वाग्धारा संस्था के सहयोग से गठित कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन, बाजना ने एकजुट होकर जनपद पंचायत बाजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मनीष जी भांवर को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की।
संगठन द्वारा किए गए जमीनी सर्वे में सामने आया कि क्षेत्र के कई गांवों में बड़ी संख्या में हैंडपंप खराब पड़े हैं, जिनकी लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। इसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उनके दैनिक जीवन पर सीधा असर पड़ रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि सभी खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए, साथ ही जिन ग्राम पंचायतों में पानी की उपलब्धता बेहद कम है, वहां नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। संगठन ने प्रशासन से यह भी अपील की कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, ताकि हर वर्ष गर्मी में उत्पन्न होने वाले इस संकट से निजात मिल सके।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों को उठाते आ रहे हैं और इस जल संकट के समाधान में प्रशासन को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस दौरान शंकर लाल मईड़ा, लालू हाड़ा, मनीराम डामर, शांतिलाल, काली बाई, रखिया, अंजना, कैलाश, बुज गोविंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में ब्लॉक फैसिलिटेटर रेणुका पोरवाल एवं मोहन भूरिया का विशेष योगदान रहा।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत