रतलाम / सैलना
रतलाम जिले में आमजन को सरल पारदर्शी और त्वरित प्रशासन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार प्रत्येक बुधवार को आयोजित किए जा रहे सुलभ सुशासन दिवस का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार 3 जून 2026 को तहसील कार्यालय सैलाना में आयोजित कार्यक्रम में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का अधिकारियों ने हाथों-हाथ निराकरण किया जिससे लोगों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ झलकती नजर आई।
तहसील कार्यालय के कक्ष क्रमांक 101 में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस विशेष शिविर में एसडीएम तरुण जैन तहसीलदार कुलभूषण शर्मा नायब तहसीलदार राजस्व निरीक्षक पटवारी एवं पूरा राजस्व अमला एक ही छत के नीचे मौजूद रहा।
परिणामस्वरूप लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और अधिकांश मामलों का उसी दिन निराकरण कर दिया गया।
कार्यक्रम में सैलाना सरवन बेड़दा सकरावदा शिवगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में किसान अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। नामांतरण बंटवारा सीमांकन रिकॉर्ड सुधार एवं अन्य राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण किया गया। लगभग 200 से 300 ग्रामीणों ने इस शिविर का लाभ उठाया।
71 हितग्राहियों को मिला लाभ 9 किसानों को सौंपे गए अद्यतन राजस्व रिकॉर्ड
सुलभ सुशासन दिवस के दौरान कुल 71 हितग्राहियों को विभिन्न राजस्व सेवाओं का लाभ दिया गया। वहीं कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देशानुसार जिन किसानों के नामांतरण एवं बंटवारे के प्रकरण पूर्ण हुए उन्हें बुलाकर अद्यतन खसरा और राजस्व रिकॉर्ड भी सौंपे गए।
एसडीएम तरुण जैन एवं तहसीलदार कुलभूषण शर्मा ने स्वयं हितग्राहियों को रिकॉर्ड वितरित करते हुए प्रशासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली का संदेश दिया। इस दौरान धबाई खेड़ी निवासी उंकारलाल पिता नानिया बल्लीखेड़ा निवासी प्रहलाद डोडियार पिता भीमजी आमलिया डोलकला निवासी फुलजी पिता बावरिया अलकाखेड़ा निवासी जीवन पिता खातु मातर निवासी मोहन पिता मानसिंह कांतिलाल पिता मानसिंह एवं बाबू पिता मानसिंह अम्बापाड़ा निवासी बबलू पिता मंगला तथा जोरसिंह पिता मांगू को नामांतरण के पश्चात संशोधित रिकॉर्ड प्रदान किए गए।
वर्षों से राजस्व कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने वाले किसानों ने जब अपने दस्तावेज मौके पर ही प्राप्त किए तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे।
हितग्राहियों ने कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए कई बार तहसील आना पड़ता था लेकिन अब प्रशासन की इस पहल से समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
उल्लेखनीय है कि सैलाना तहसील में जनवरी 2026 से प्रत्येक बुधवार को सुलभ सुशासन दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पटवारी आरआई तहसीलदार नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारी एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं जिससे किसी भी प्रकार की बहानेबाजी की गुंजाइश नहीं रहती और आमजन को त्वरित राहत मिलती है।
ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा प्रशासन की पहल की हो रही सराहना
शुरुआत में जहां इस कार्यक्रम में कम लोग पहुंचते थे वहीं अब इसकी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण इसका लाभ लेने लगे हैं। क्षेत्र के लोग इसे सुशासन की दिशा में एक प्रभावी और जनहितैषी पहल बताते हुए प्रशासन की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं।
कलेक्टर मिशा सिंह के मार्गदर्शन और एसडीएम तरुण जैन तथा तहसीलदार कुलभूषण शर्मा के नेतृत्व में संचालित यह व्यवस्था अब ग्रामीणों के लिए राहत का माध्यम बनती जा रही है। सुलभ सुशासन दिवस ने साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन संवेदनशील हो तो जनता की समस्याओं का समाधान दफ्तरों के चक्कर लगवाए बिना भी किया जा सकता है।
कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के निर्देशानुसार सैलाना तहसील में प्रत्येक बुधवार को सुलभ सुशासन दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों एवं आम नागरिकों को राजस्व संबंधी समस्याओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर सभी अधिकारियों की उपस्थिति में त्वरित समाधान मिल सके। आज आयोजित शिविर में 71 हितग्राहियों को विभिन्न राजस्व सेवाओं का लाभ दिया गया तथा जिन किसानों के नामांतरण एवं अन्य प्रकरण पूर्ण हो चुके थे उन्हें मौके पर ही अद्यतन रिकॉर्ड वितरित किए गए। प्रशासन का प्रयास है कि राजस्व सेवाओं को और अधिक सरल पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाए।
— राजस्व अधिकारी (एसडीएम) तरुण जैन
सुलभ सुशासन दिवस के अंतर्गत तहसील सैलाना एवं शिवगढ़ टप्पे के समस्त पटवारी राजस्व निरीक्षक नायब तहसीलदार एवं राजस्व अमला एक ही हॉल में उपस्थित रहता है जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके। पहले जहां लोग अलग-अलग अधिकारियों के पास भटकते थे वहीं अब अधिकांश मामलों का उसी दिन समाधान हो रहा है। आज लगभग 200 से 250 ग्रामीणों ने शिविर का लाभ लिया और 71 हितग्राहियों के कार्यों का निराकरण किया गया। शुरुआत में कम लोग आते थे लेकिन अब इस पहल की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचने के बाद किसानों का विश्वास बढ़ा है और बड़ी संख्या में लोग इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हर पात्र व्यक्ति को समय पर राजस्व सेवाओं का लाभ मिले और शासन की मंशा के अनुरूप सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
— तहसीलदार कुलभूषण शर्मा
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत