सैलाना/रतलाम (मध्य प्रदेश): सैलाना का ऐतिहासिक श्री रामद्वारा अब केवल एक मंदिर नहीं बल्कि सनातन धर्म सदियों पुरानी संत परंपरा और आस्था की रक्षा की लड़ाई का प्रतीक बन गया है। करोड़ों रुपये की कथित धार्मिक एवं शासकीय संपत्ति के गलत उपयोग समाधि स्थल तोड़ने स्कूल चलाने दुकानों से किराया वसूली और आय के गबन के गंभीर आरोपों के बीच वृद्ध संत रामविलास शास्त्री ने जिला पुलिस अधीक्षक रतलाम से सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं शिकायतकर्ता भक्तों ने रामविलास शास्त्री दिलीप सिंह गौड़ व अन्य के खिलाफ थाने में FIR दर्ज कराई है। पूरा मामला अब आस्था बनाम संपत्ति हड़पने की जंग में बदल गया है।
गुरुवार को सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर सैलाना नगर पूर्ण बंद रहा। चारभुजानाथ मंदिर से शुरू हुआ विशाल जुलूस पैलेस चौराहा बस स्टैंड और घंटाघर होते हुए रामद्वारा पहुंचा जहां भजन-कीर्तन हनुमान चालीसा पाठ और धरना-प्रदर्शन जारी है। नगर के वरिष्ठ नागरिकों महिलाओं श्रद्धालुओं और युवाओं ने एकस्वर में कहा- यह केवल जमीन-जायदाद का विवाद नहीं बल्कि सनातन धर्म और रामद्वारा की पवित्रता बचाने का संघर्ष है।
रामद्वारा सैलाना की धार्मिक पहचान
स्थानीय लोगों के अनुसार श्री रामद्वारा सैलाना की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान है। पीढ़ियों से हर शुभ कार्य विवाह गृहप्रवेश या किसी भी मंगल अवसर की शुरुआत रामद्वारा के दर्शन से होती रही है। प्रार्थी मदनलाल कुमावत और पन्नालाल कुमावत जैसे दीक्षित भक्त बताते हैं कि उनके पूर्वजों के समय से परिवार रामद्वारा से जुड़ा है। वे रोज दर्शन करते थे। अब आरोप है कि इस पवित्र स्थल पर अतिक्रमण कर स्कूल चलाया जा रहा है समाधि स्थल तोड़ दिया गया और दुकानें बनाकर किराया वसूला जा रहा है।
रामविलास शास्त्री नें एसपी को दी अर्जी
रामविलास शास्त्री ने एसपी रतलाम को आवेदन देकर सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि वे हृदय रोग पैरालिसिस समेत गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। लगातार मानसिक तनाव के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें रतलाम के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उनके अनुसार संपत्ति गुरु-शिष्य परंपरा के तहत पंजीकृत वसीयत से प्राप्त हुई है और नगर परिषद अभिलेखों में इसका अलग रिकॉर्ड है। उन्होंने अपनी छोटी बहन और भांजे की भी सुरक्षा मांगी।
जांच से बचने की कोशिश
मदनलाल कुमावत पन्नालाल कुमावत समेत अन्य भक्तों का कहना है कि रामविलास शास्त्री लंबे समय से अस्वस्थ हैं। अब जब संपत्ति आय-व्यय और दस्तावेजों की जांच तेज हुई तो पीड़ित बनकर जांच से बचने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर शिकायत की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
FIR दर्ज: समाधि तोड़ी भूमि बेची धार्मिक भावनाएं आहत
सैलाना थाना में FIR नंबर 0199/2026 दर्ज की गई है। आरोपी रामविलास शास्त्री (पिता निर्मल) पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 298 299 302 324(2) और 329(4) के तहत मामला दर्ज हुआ।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 30 मई 2026 को रामद्वारा आश्रम में स्व. 1008 निर्मल राम शास्त्री की प्राचीन समाधि तोड़ दी गई जहां भक्त रोज पूजा-अर्चना करते थे। समाधि स्थल की भूमि बेच दी गई शेष पर अतिक्रमण कर स्कूल चलाया जा रहा है। दुकानों से किराया लिया जा रहा है जिसका निजी उपयोग हो रहा है। दिलीप सिंह और रामविलास पर धार्मिक भावनाएं आहत करने और भक्तों को परिसर में आने से रोकने का भी आरोप है।
नगर परिषद का सख्त एक्शन: सात दिन में दस्तावेज जमा करो
नगर परिषद सैलाना ने बड़ा कदम उठाया। मुख्य नगरपालिका अधिकारी ने रामविलास महाराज को नोटिस जारी कर सात दिनों में रामद्वारा परिसर की दुकानों के निर्माण की स्वीकृति दस्तावेज और अन्य कागजात पेश करने को कहा है। बिना अनुमति दुकानें बनाने और किराए पर देने का आरोप है। अगर दस्तावेज नहीं दिए तो मध्य प्रदेश नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। नोटिस की कॉपी कलेक्टर SDM और DUDA को भी भेजी गई। नगर परिषद अध्यक्ष चेतन शुक्ल के नेतृत्व में यह सख्ती सराहनीय मानी जा रही है।
भक्तों के गंभीर सवाल
नगर के वरिष्ठ नागरिक पूछ रहे हैं
अगर संपत्ति धार्मिक थी तो किसकी अनुमति से स्कूल चलाया गया?
भक्तों संतों या नगरवासियों की राय ली गई थी?
दुकानों से मिले लाखों-करोड़ों रुपये का हिसाब कहां है?
किराया-पगड़ी का पैसा भंडारे प्रसादी या मंदिर सुधार में क्यों नहीं लगाया?
जब भक्तों ने आय-व्यय का ब्योरा मांगा तो उन्हें धमकियां और टालमटोल क्यों मिली?
कथित सौदे में रामविलास शास्त्री के अलावा कृष्णा कुंवर गौड़ दिलीप सिंह गौड़ आदि के नाम भी चर्चा में हैं। भक्तों की मांग है कि सभी की भूमिका स्पष्ट हो।
SDM SDOP और तहसीलदार पहुंचे मौके पर
धरने के दौरान SDM तरुण जैन SDOP नीलम बघेल तहसीलदार कुलभूषण शर्मा और पुलिस बल मौजूद रहा। SDM ने रामद्वारा का निरीक्षण किया और कहा कि यह नगर परिषद का मामला है। पिछले वर्षों से संतों के नाम पर संपत्ति दर्ज होती रही है। भक्तों ने शासकीय संपत्ति के गलत विक्रय और रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की। उन्होंने पहले भी ज्ञापन दिया था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
आस्था की लड़ाई सनातन परंपरा बचाओ
वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि रामद्वारा महंत व्यवस्था और पवित्रता का प्रतीक है। इसे हड़पने की कोशिश किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिलाएं और नगर के वरिष्ठ नागरिक जनप्रतिनिधि एवं युवा भी धरने में सक्रिय रहैं। यातायात प्रभावित होने के बावजूद प्रदर्शन शांतिपूर्ण है। पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा।
आगे क्या?
प्रशासन से सभी दस्तावेजों रजिस्ट्री आय-व्यय खातों समाधि तोड़ने और अतिक्रमण की गहन जांच की मांग तेज हो गई है। नगरवासी चाहते हैं कि जल्द से जल्द सच्चाई सामने आए और रामद्वारा की मूल परंपरा बहाल हो।
यह विवाद अब केवल सैलाना तक सीमित नहीं रहा। पूरे क्षेत्र में चर्चा है। सर्व हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज होगा।
रिपोर्टर: जितेन्द्र कुमावत