रतलाम, : राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को निरस्त किए जाने के फैसले के खिलाफ शुक्रवार को रतलाम में युवक कांग्रेस के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। शहर के कोर्ट चौराहे पर आयोजित इस प्रदर्शन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए। प्रदर्शन का माहौल तब और गर्म हो गया जब कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सरकार के खिलाफ पुतला दहन का कार्यक्रम शुरू किया लेकिन नगर निगम की फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत पानी की बौछारें शुरू कर दीं, जिससे पूरा घटनाक्रम हंगामेदार बन गया।
कार्यकर्ताओं द्वारा पुतले में आग लगाते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और तेज पानी की धार से पुतले को बुझाने की कोशिश की गई। नतीजतन पुतला पूरी तरह नहीं जल सका और अधजला अवस्था में रह गया।
कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पुतले को बचाने और उसे पूरी तरह जलाने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। इस दौरान कोर्ट चौराहे पर कुछ देर तक अराजकता छाई रही। कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते रहे और अधिकारियों पर लोकतांत्रिक अधिकारों में बाधा डालने का आरोप लगाया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। कांग्रेस पार्टी इस फैसले के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करेगी।
युवक कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए जोर दिया कि युवा कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार आंदोलनरत रहेगी।
पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, शैलेंद्र सिंह अठाना, विमल छिपानी, बसंत पंड्या और महिला नेत्री यास्मीन शेरानी सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी इस प्रदर्शन में सक्रिय रूप से शामिल रहे। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि नामांकन निरस्त करना न केवल मीनाक्षी नटराजन के साथ अन्याय है बल्कि पूरे विपक्षी आवाज को दबाने की साजिश है।
कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ नामांकन रद्द वापस लो और सरकार मुर्दाबाद जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी जिसने स्थिति को नियंत्रण में रखा। हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उनके शांतिपूर्ण विरोध को जानबूझकर बाधित करने की कोशिश की। फायर ब्रिगेड की कार्रवाई को उन्होंने सरकारी दबाव बताया।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन एक अनुभवी और समर्पित नेता हैं जिन्हें राज्यसभा में मध्य प्रदेश की आवाज बनना था। उनका नामांकन रद्द होना न केवल पार्टी के लिए झटका है, बल्कि संवैधानिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत