रतलाम / सैलाना
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में थाना सैलाना क्षेत्र में नाबालिग छात्र के साथ बेहद घिनौनी घटना सामने आई है। दो युवकों ने कक्षा 10वीं पढ़ने वाले 16 वर्षीय मासूम लड़के को जान से मारने और उसके पिता को रास्ते में खत्म करने की खुली धमकी देकर पहले नकद रुपये वसूले और फिर घर से सोने की तीन अंगूठियां व एक जोड़ी सोने के कान के सरे लूट लिए। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि तीसरा आरोपी फरार है।
FIR नंबर 228/2026 के अनुसार शिकायतकर्ता तन्मय राठौर (16 वर्ष) निवासी रंगवाड़ी मोहल्ला सैलाना ने बताया कि आरोपी आदित्य सिसौदिया (पिता राजेंद्र सिंह सिसौदिया निवासी मोती बंगला) और अकलेश मोगिया (पिता जुझार सिंह मोगिया निवासी गीता भवन) से उसकी दोस्ती हो गई थी। शुरुआत में दोनों ने छोटी-छोटी रकम (500-1000 रुपये) मांगी जिसे तन्मय अपने घर से लाकर देता रहा। जब उसने मना किया तो दोनों ने खुलेआम धमकी दी- पैसे नहीं लाएगा तो तुझे और तेरे पापा को जान से मार देंगे या रास्ते में कोई बड़ा हादसा कर देंगे।
डर के मारे नाबालिग छात्र ने घर से चुपके से तीन पुरानी सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी सोने के कान के सरे निकालकर आरोपियों को सौंप दिए। जब घरवालों ने आभूषण गायब होने पर पूछताछ की तो तन्मय ने सारी बात अपनी मां कोमल राठौर पिता मुकेश राठौर और चाचा मनीष राठौर को बताई।
इसके बाद 26 जून 2026 को शाम 8:27 बजे तन्मय अपने पिता व चाचा के साथ थाना सैलाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पंद्रो और अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सैलाना श्रीमती नीलम बघेल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक पिंकी आकाश के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने तुरंत दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि तीसरे साथी हर्ष उर्फ हर्षवर्धन गुर्जर (निवासी सकरावदा) के साथ मिलकर उन्होंने यह वारदात की।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने अपने साथी हर्ष उर्फ हर्षवर्धन गुर्जर के साथ मिलकर छात्र को लगातार धमकाया और उससे नकदी तथा सोने के आभूषण हड़पे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि जेवर आदित्य के खेत पर बने कमरे में छिपाकर रखे गए हैं। पुलिस अब आभूषणों की बरामदगी की कार्रवाई कर रही है तथा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5) 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।
फरार आरोपी हर्षवर्धन गुर्जर की तलाश तेज कर दी गई है।
पुलिस का मानना है कि विवेचना के दौरान इस मामले में और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपियों ने इसी तरह अन्य बच्चों को भी अपना निशाना तो नहीं बनाया। यदि ऐसा हुआ तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक पिंकी आकाश उप-निरीक्षक शीना खान प्रधान आरक्षक संदीप भदौरिया आरक्षक फकीरचन्द्र सोलंकी तूफान भुरिया सूर्यप्रसाद विजय मोहनिया भारत अलावा मुरली कटारिया और संदीप परमार की सराहनीय भूमिका रही।
यह घटना जिले में नाबालिग बच्चों के साथ हो रही वसूली और धमकी की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करती है। दोस्ती का ढोंग रचकर मासूम बच्चों को निशाना बनाना बेहद घिनौना अपराध है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर राहत की सांस ली है।
थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया की नाबालिगों के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमारी टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह से जुड़ा है तो उसकी भी विवेचना की जा रही है।
यह घटना अभिभावकों के लिए भी बड़ा चेतावनी संदेश है कि बच्चों की संगति गतिविधियों और व्यवहार पर लगातार नजर रखें क्योंकि दोस्ती की आड़ में अपराधी अब मासूम बच्चों को भी अपना आसान निशाना बनाने लगे हैं।
रिपोर्टर : जितेन्द्र कुमावत