![]() ![]() ![]() ![]()
|
चीताखेड़ा-अमावली जागीर पुराने मार्ग पर कृषि कार्य ठप; कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे किसान, 2 दिन में समाधान न होने पर चक्काजाम का अल्टीमेटम चीताखेड़ा । दो भाइयों के आपसी जमीनी विवाद और मनमानी का गंभीर खामियाजा क्षेत्र के 200 अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। चीताखेड़ा से अमावली जागीर जाने वाले पुराने पहुंच मार्ग पर स्थित बरसाती नाले में बलपूर्वक मिट्टी डालकर बहाव रोक दिया गया है। नाले का निकास बंद होने से मुख्य रास्ते पर कमर तक (लगभग 3 फीट) पानी भर गया है, जिससे किसानों का खेतों पर पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है। कृषि कार्य ठप, बर्बादी की कगार पर फसलें बारिश के इस पीक सीजन में जब खेतों में खाद, बीज पहुंचाने और निंदाई-गुड़ाई का काम जोरों पर होना चाहिए, तब किसान लाचार खड़े हैं। रास्ते में भारी जलभराव के चलते चीताखेड़ा-अमावली जागीर पहुंच पुराने मार्ग से जुड़े करीब 200 खातेदारों का आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है और देखरेख के अभाव में फसलें चौपट होने की कगार पर हैं। *तहसीलदार पर झूठे भरोसे और दबाव का आरोप मामले में प्रशासनिक लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। पीड़ित किसान बालमुकुंद जावरिया ने बताया कि करीब एक महीने पहले "सीएम हेल्पलाइन" पर गुहार लगाई गई थी। आरोप है कि समाधान निकालने के बजाय तहसील के अधिकारियों ने किसानों को दो-चार दिन में काम करवाने का झांसा दिया और दबाव बनाकर शिकायत बंद करवा दी। शिकायत बंद हुए 9 दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। *कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार तहसील प्रशासन की अनदेखी से त्रस्त बड़ी संख्या में किसान अब जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। किसान सुरेश दायमा ने बताया कि दो भाइयों की आपसी रंजिश की सजा 200 किसान परिवार क्यों भुगतें? किसान रतनलाल माली का कहना है कि यदि प्रशासन ने अगले 4 दिनों के भीतर नाले से रुकावट हटाकर रास्ता बहाल नहीं कराया, तो सभी किसान खेती-किसानी छोड़कर सड़कों पर उतरेंगे और चक्काजाम की राह अपनाएंगे। तहसीलदार श्री शत्रुघ्न चतुर्वेदी का कहना है कि मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है अगर ऐसा है तो मैं नायब तहसीलदार को भेजकर शीघ्र समस्या का समाधान करवाऊंगा। |