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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न नीमच : कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर सभाकक्ष में जिला पोषण समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अमन वैष्णव की उपस्थिति में आयोजित बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं, पोषण गतिविधियों तथा कुपोषित एवं कम वजन वाले बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री राजेश गुप्ता ने विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं पोषण संबंधी गतिविधियों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। विभागीय उपलब्धियों पर कलेक्टर ने की सराहना कलेक्टर श्री चंद्रा ने आंगनवाड़ी केंद्रों पर शाला पूर्व शिक्षा,हितग्राहियों को गर्म पका भोजन,आभा आईडी निर्माण तथा एफआरएस के माध्यम से टेक होम राशन वितरण सहित विभिन्न गतिविधियों में जिले की उत्कृष्ट प्रगति की सराहना की। उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों में नीमच जिला प्रदेश के टॉप-10 जिलों में तथा संभाग स्तर पर प्रथम स्थान पर है। कलेक्टर ने उपलब्धियों को बनाए रखते हुए शेष लक्ष्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दिए ये प्रमुख निर्देश कुपोषित बच्चों की पहचान एवं न्यूट्री बास्केट: जिले के सभी कुपोषित एवं कम वजन वाले बच्चों की पहचान सुनिश्चित कर जनसहयोग से प्रतिमाह कम से कम 1500 न्यूट्री बास्केट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पोषण मित्रों को सक्रिय करने के निर्देश:जिले में पोषण मित्रों को स्वयंसेवक के रूप में सक्रिय किया जाए तथा प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर नए पोषण मित्र बनाए जाएं। पोषण गतिविधियों में जनसहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना: एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू श्रेणी के बच्चों के परिवारों,विशेषकर माताओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए। जिले में चिन्हित 281 बच्चों के परिवारों को समूहों से जोड़ने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। हॉटस्पॉट आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष निगरानी: एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू बच्चों वाले हॉटस्पॉट आंगनवाड़ी केंद्रों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जाए। इन केंद्रों पर बच्चों की माताओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए। बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच: सभी हॉटस्पॉट आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराई जाए तथा उनकी नियमित जांच, उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। 3 से 6 वर्ष के बच्चों का प्रवेश: 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का आंगनवाड़ी अथवा प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा शाला पूर्व शिक्षा से वंचित न रहे। मंगल दिवस में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता: मंगल दिवस के अवसर पर जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर पोषण गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाए। न्यूट्री गार्डन विकसित करने के निर्देश: पर्याप्त स्थान वाले आंगनवाड़ी केंद्रों पर उद्यानिकी विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के समन्वय से न्यूट्री गार्डन विकसित किए जाएं। आभा आईडी का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश: जिले में शेष 1000 आभा आईडी आगामी 15 दिवस में पूर्ण करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनवाड़ी केंद्रों को गोद लेने का आग्रह: जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारियों द्वारा कम से कम पांच-पांच आंगनवाड़ी केंद्र गोद लेकर उनके आधारभूत विकास में सहयोग किया जाए। क्षेत्र पर्यवेक्षकों की कार्यप्रगति में सुधार: कलेक्टर ने क्षेत्र पर्यवेक्षकों की मासिक मूल्यांकन रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए सभी क्षेत्र पर्यवेक्षकों को आगामी बैठक तक ए अथवा बी श्रेणी में रहने के निर्देश दिए। लाड़ली लक्ष्मी एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना: आगामी माह तक लाड़ली लक्ष्मी योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए। पात्र हितग्राहियों की पहचान एवं पंजीयन में किसी प्रकार की कमी नहीं रहे। इन योजनाओं एवं गतिविधियों की भी हुई समीक्षा बैठक में पोषण अभियान, आंगनवाड़ी केंद्रों की शाला पूर्व शिक्षा, गर्म पका भोजन वितरण, टेक होम राशन, आभा आईडी निर्माण,पोषण मित्र गतिविधियां, मंगल दिवस, न्यूट्री गार्डन, लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा एसएएम, एमएएम एवं एसयूडब्ल्यू बच्चों की पहचान, स्वास्थ्य एवं पोषण प्रबंधन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं की नियमित समीक्षा, मैदानी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग तथा निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जावद एवं मनासा के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रधान कृषि वैज्ञानिक, समस्त परियोजना अधिकारी,समस्त पर्यवेक्षक सहित महिला एवं बाल विकास विभाग का मैदानी एवं जिला स्तरीय अमला उपस्थित रहा। |