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खून का रिश्ता नहीं, फिर भी भाई से बढ़कर… दोस्तों ने एक-दूसरे की कलाई पर बांधी राखी मंदसौर। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, लेकिन मंदसौर जिले के गांव गरनाई में इस पर्व का एक अनूठा और भावनात्मक रूप देखने को मिला। यहां दोस्तों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर यह संदेश दिया कि सच्ची दोस्ती भी किसी पारिवारिक रिश्ते से कम नहीं होती। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर दोस्तों ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधा और मिठाई खिलाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान सभी के चेहरों पर खुशी और आत्मीयता नजर आई। दोस्तों ने आपसी प्रेम, विश्वास और सौहार्द को बनाए रखने के साथ ही जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाने का संकल्प लिया। दोस्ती में भी छिपा है भाई जैसा अपनापन रक्षाबंधन को सामान्यतः भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के वचन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन गरनाई में दोस्तों ने इस परंपरा को एक अलग भाव के साथ मनाया। उनका मानना है कि जीवन में सच्चा मित्र किसी भाई से कम नहीं होता। जब मुश्किल समय आता है, तो सच्चा दोस्त परिवार के सदस्य की तरह मजबूती से साथ खड़ा रहता है। जिस तरह भाई अपनी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में साथ देने का वचन देता है, उसी तरह सच्चे मित्र भी एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं। इसी भावना के साथ दोस्तों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर अपनी दोस्ती को और मजबूत किया। राखी ने दिया दोस्ती को रिश्ते का नया नाम गरनाई में मनाया गया यह रक्षाबंधन समारोह इस बात की खूबसूरत मिसाल बना कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि विश्वास, अपनापन और साथ निभाने की भावना से भी बनते हैं। दोस्तों की कलाई पर सजी राखियों ने दोस्ती के इस रिश्ते को एक नया अर्थ दिया और पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। रिपोर्ट : कमलेश शर्मा |