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वार्षिक मिलन समारोह में संतों ने दिया पक्षी, पानी, पेड़ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, सेवाभावी संस्थाओं का हुआ सम्मान चीताखेड़ा । श्री देवनारायण पक्षी दाना समिति (बड़ा देवरा) एवं श्री बीस भुजा माताजी मंदिर व मुक्तिधाम परिसर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पर्यावरण व जीवदया प्रेमियों का भव्य वार्षिक मिलन समारोह आयोजित किया गया। समिति के 14वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में संतों का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जीरन की महावीर गौशाला में लंबे समय से प्रतीक्षित आधुनिक पक्षी निवास टावर के निर्माण की घोषणा की गई। समारोह का शुभारंभ मानस मर्मज्ञ पंडित दशरथ भाईजी (मंदसौर), भागवताचार्य पंडित गौरीशंकर शास्त्री (धारियाखेड़ी), भागवताचार्य पंडित घनश्याम व्यास (पालसोडा) एवं पंडित परसराम शर्मा के कर-कमलों द्वारा पौधारोपण कर किया गया। *संतों के आशीर्वचन: सनातन संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर* कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित दशरथ भाईजी ने कहा कि दुनिया की कोई भी असुरी शक्ति सनातन संस्कृति का बाल भी बांका नहीं कर सकती। उन्होंने वनों के अंधाधुंध दोहन पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रकृति रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। साथ ही भरत चरित्र का उल्लेख करते हुए समर्पण भाव को धर्म का सर्वोच्च रूप बताया। भागवताचार्य पंडित गौरीशंकर शास्त्री ने पारिवारिक संस्कारों पर बल देते हुए कहा कि जिस घर में सास-बहू और पिता-पुत्र में परस्पर प्रेम व सम्मान हो, वह घर स्वर्ग समान है। माता-पिता की उपेक्षा कर की गई तीर्थ यात्राएं व्यर्थ हैं। भागवताचार्य घनश्याम व्यास, पंडित परसराम शर्मा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने भी जीवदया और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराया। विभिन्न सेवा संस्थाओं और कर्मयोगियों का सम्मान कार्यक्रम में मदनलाल गायरी ने अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर व पुष्पमालाओं से स्वागत किया। इसके बाद संतों द्वारा क्षेत्र की प्रमुख सेवाभावी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया, जिनमें गौ प्रसादम परिवार, नर सेवा नारायण सेवा समिति, चीताखेड़ा, श्री राम पक्षी दाना समिति, थड़ा (राजस्थान), श्रम साधना टीम, जीरन 1008 अखण्ड रामचरितमानस पारायण समिति, महावीर गौशाला प्रबंधन, जीरन शामिल है। 24 गांवों में संचालित हो रही जीवदया की अलख कार्यक्रम का संचालन करते हुए नर सेवा नारायण सेवा समिति के वरिष्ठ मथुरालाल पाटीदार ने बताया कि वर्तमान में 24 गांवों में जीवदया समिति निरंतर सक्रियता से कार्य कर रही है। समिति के केशुराम पाटीदार ने संस्था का वार्षिक आय-व्यय बजट प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर मदनलाल गायरी ने सभी संतों, अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। रिपोर्ट : दशरथ जी माली |