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विकासखंडवार जिम्मेदारी तय, सात दिवस में निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा निरीक्षण प्रतिवेदन नीमच : कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के आदेशानुसार जिले में संचालित पंजीकृत शासकीय एवं अशासकीय गौशालाओं के निरीक्षण हेतु विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित प्रारूप में निरीक्षण कर सात दिवस में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण व्यवस्था के प्रमुख बिंदु— •जिले की कुल 35 पंजीकृत गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा। •विकासखंड नीमच में 14, मनासा में 13 तथा जावद में 8 गौशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा। •अधिकारियों को संबंधित गौशालाओं का निरीक्षण संलग्न निर्धारित प्रपत्र के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। •निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से गोवंश की संख्या एवं स्थिति, चारा-पानी की उपलब्धता, साफ-सफाई, शेड एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा। •पशु स्वास्थ्य, उपचार एवं पशु चिकित्सा संबंधी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। •गौशाला के संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं उपलब्ध संसाधनों का सत्यापन किया जाएगा। •निरीक्षण में पाई गई कमियों एवं आवश्यक सुधारात्मक कार्यों का स्पष्ट उल्लेख प्रतिवेदन में किया जाएगा। •निरीक्षण प्रतिवेदन सात दिवस के भीतर प्रस्तुत करना होगा। •प्राप्त प्रतिवेदनों के आधार पर जिला स्तर पर गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस निरीक्षण का उद्देश्य जिले की पंजीकृत गौशालाओं में गोवंश के संरक्षण, संवर्धन एवं बेहतर देखभाल के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का वास्तविक आकलन, कमियों की पहचान तथा आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना है। प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदनों के आधार पर गौशालाओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। |