रतलाम / सैलाना
गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज के पावन संयोग पर सैलाना के प्रसिद्ध चिंता हरण गणपति मंदिर में सोमवार को आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। हरतालिका तीज का पर्व भी साथ होने के कारण सुबह से ही मंदिर में माता-बहनों और श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने भगवान गणपति के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर मंदिर समिति द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच पंडित विजय शर्मा (मोनू पं.) द्वारा पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। इसके पश्चात दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी पंडित आशीष पंड्या की मौजूदगी में भव्य महाआरती प्रारंभ हुई, जो परंपरा अनुसार पूरे एक घंटे तक चलती रही।
आरती के दौरान ढोल-थाली की गूंज और भक्ति गीतों पर श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं और पुरुष, मस्ती में झूमते व नृत्य करते नजर आए। जैसे ही आरती शुरू हुई, पूरा मंदिर परिसर गणपति बप्पा मोरया और जय श्री गणेश के जयकारों से गूंज उठा।
इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर मुख्य बाजार एवं मंदिर के सामने भव्य पंडाल सजाया गया, जिसमें आकर्षण की मुख्य वजह लाइटों की शानदार सा सजावट रही।
प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार, इस बार भी भगवान चिंता हरण गणपति महाराज को 5100 मोदक (लड्डू) का महाभोग अर्पित किया गया। महाभोग के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसादी का वितरण हुआ, जिसे प्राप्त करने के लिए भक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर धार्मिक उल्लास और अटूट श्रद्धा से सराबोर रहा। भक्तों ने भगवान गणेश से सभी के जीवन के संकट और चिंताओं को दूर कर सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत