रतलाम। हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और शिक्षकों के सम्मान को समर्पित एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय पंडित अरुण भार्गव स्मृति हिंदी प्रचार-प्रसार समिति द्वारा किया गया। कार्यक्रम में रतलाम जिले का गौरव बढ़ाने वाले राज्य स्तरीय राज्यपाल शिक्षक सम्मान-2026 से सम्मानित दो शिक्षकों श्रीमती शर्मिला उपाध्याय एवं श्री राजेश महेश्वरी का विशेष रूप से सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य सुभाष कुमावत, युवा साहित्यकार आशीष दशोत्तर, समाज सेविका श्रीमती रक्षा मिश्रा एवं श्रद्धा घाटे मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं आयोजन की भूमिका हिंदी प्रचार-प्रसार समिति के प्रमुख डा. मुनीन्द्र दुबे ने निभाई।
डा. मुनीन्द्र दुबे ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में रतलाम जिले के दोनों शिक्षकों को राज्यपाल शिक्षक सम्मान से नवाजा गया था। कक्षा 1 से 8 वर्ग में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्रीमती शर्मिला उपाध्याय तथा कक्षा 9 से 12 वर्ग में उत्कृष्ट कार्य के लिए श्री राजेश महेश्वरी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ।
भोपाल में आयोजित समारोह में उन्हें मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कर कमलों से राज्यपाल शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया था। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और समर्पण को देखते हुए यह उपलब्धि रतलाम जिले के लिए भी गौरव का विषय बनी है।
हिंदी दिवस के अवसर पर इसी उपलब्धि को रेखांकित करते हुए स्वर्गीय पंडित अरुण भार्गव स्मृति हिंदी प्रचार-प्रसार समिति द्वारा दोनों शिक्षकों का अभिनंदन किया गया। श्रीमती शर्मिला उपाध्याय एवं श्री राजेश महेश्वरी को शाल, श्रीफल, प्रमाण पत्र एवं शील्ड भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान अतिथियों ने शिक्षकों की उपलब्धि को शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि शिक्षकों का सम्मान समाज में शिक्षा और संस्कार के महत्व को और मजबूत करता है।
कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार तथा विद्यार्थियों और नई पीढ़ी में हिंदी के प्रति रुचि बढ़ाने को लेकर भी विचार रखे गए। आयोजन में बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी, गणमान्य नागरिक एवं हिंदी प्रेमी उपस्थित रहे। हिंदी दिवस का यह आयोजन न केवल भाषा के प्रति सम्मान का संदेश दे गया, बल्कि रतलाम जिले के दो प्रतिभाशाली शिक्षकों की उपलब्धि को सार्वजनिक रूप से सम्मानित कर शिक्षा जगत में नई प्रेरणा भी प्रदान कर गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत