रतलाम / रावटी। शासकीय सेवा में अपने कार्यकाल को पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए प्रिय मित्र एवं प्राचार्य श्री दिलीप कुमार पाटीदार के सम्मान में 20 सितंबर 2026 को वीर हनुमान एवं राधाकृष्ण मंदिर, रावटी में आत्मीय सम्मान एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में कर्मचारी, साथी एवं नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने श्री पाटीदार के सेवाकाल को याद करते हुए उनके योगदान और आत्मीय व्यवहार की सराहना की तथा सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अभिनंदन समारोह के दौरान श्री दिलीप कुमार पाटीदार का साफा बांधकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही श्रीफल, नारियल, पुष्पमाला, रामसुखदास जी की गीता एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। सम्मान के दौरान साथियों के चेहरे पर खुशी और भावुकता दोनों नजर आई। उपस्थितजनों ने कहा कि शासकीय सेवा की जिम्मेदारियों से निवृत्ति अवश्य हुई है, लेकिन श्री पाटीदार का अनुभव, मार्गदर्शन और आत्मीयता आगे भी सभी के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
समारोह में तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष बृजलाल बोरिया, कन्हैयालाल टाक, एसडीएम नरेंद्र सिंह राजावत, विश्व बंधु जोशी, साधना चौहान, प्रीति चंदेल, हरीश ठाकुर, सत्यनारायण परमार, नटवरलाल मयड़ा, कन्हैयालाल किहोरी, ज्योतिप्रकाश पुरोहित, नानूराम देवड़ा, अरविंद राठौर, नरेंद्र ठाकुर, बाबूलाल परमार, राजेंद्र राठौर, जयेन्द्र राठौर, दातार सिंह भाटी, ओमप्रकाश गांधी, प्रेमचंद्र बोरिया, शांतिलाल, बाबूलाल, ललित चतर, मुकेश राठौर, शिवरत्न ठाकुर, शिरीष प्रताप, सुरेश पुरोहित, मुकेश पुरोहित, गिरीश ठाकुर, नवीन बोरिया, नंदकिशोर राठौर, रमेश भाटी, मुकेश सूर्यवंशी, दशरथ देवड़ा, नवीन ठाकुर, पवन टेलर, वक्तलाल चौहान, विजय चतर, मोहन चौहान, टोनी बोरिया, दादू टाक, विपिन टाक एवं लक्की मेहता सहित कई कर्मचारी एवं नागरिक मौजूद रहे।
समारोह में वक्ताओं ने श्री पाटीदार के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि लंबे समय तक जिम्मेदारी का निर्वहन करने के बाद सेवानिवृत्ति जीवन का नया अध्याय है। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव और स्नेह का लाभ समाज एवं साथियों को आगे भी मिलता रहेगा।
आत्मीय माहौल में आयोजित यह अभिनंदन समारोह श्री पाटीदार के प्रति साथियों और नागरिकों के सम्मान एवं स्नेह का यादगार अवसर बन गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत