रतलाम / सरवन। मध्यप्रदेश शासन के सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरवन के आजाद चौक एवं टंकी चौराहे पर नमो सेवा–अनकही कहानियां शीर्षक से नुक्कड़ नाटक का प्रभावी मंचन किया गया। देवेंद्र भदौरिया नाट्य मंचन टीम के कलाकारों ने संवाद, संगीत और अभिनय के माध्यम से सेवा, सुशासन, जनभागीदारी और देश में हो रहे बदलावों से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। खुले मंच पर हुई प्रस्तुति देखने के लिए सरवन सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहुंचे।
नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीब 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन की यात्रा को विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से मंचित किया गया। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक की यात्रा के साथ सेवा, समर्पण, संघर्ष और सुशासन से जुड़े विषयों को संवादात्मक अंदाज में सामने रखा गया। कलाकारों ने ग्रामीण परिवेश से जुड़े पात्रों के माध्यम से यह भी दिखाया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचने पर उनके जीवन में किस प्रकार बदलाव दिखाई दे सकता है।
योजनाओं की जानकारी को बनाया संवाद का हिस्सा
प्रस्तुति में आवास, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, सामाजिक सुरक्षा और जनभागीदारी जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया गया। पात्र हितग्राहियों की कहानियों और संवादों के जरिए ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। नाटक में यह संदेश भी दिया गया कि योजनाओं का प्रभाव तभी व्यापक होता है, जब पात्र नागरिक जागरूक होकर उनका लाभ लें और विकास की प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाएं।
आजाद चौक और टंकी चौराहे पर हुए मंचन के दौरान कलाकारों के संवाद और अभिनय ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। सेवा, सुशासन, स्वच्छता, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और विकसित भारत जैसे विषयों को नुक्कड़ नाटक के सहज और मनोरंजक अंदाज में प्रस्तुत किया गया।
ये रहे अतिथि
कार्यक्रम में भैरूसिंह निनामा, सरवन-बेडदा मंडल अध्यक्ष, श्रीमती शंभूड़ी बाई भाभर, ग्राम पंचायत सरवन सरपंच, उदयसिंह गुर्जर, आशीष सोमानी, रामलाल मईड़ा, मुकेश सागर, विक्रम शर्मा, ईश्वरलाल मालवीय, ग्राम पंचायत सरवन सचिव, गौतम रोजगार सहायक/मंत्री, सुनील तोतला, शिवलाल गुर्जर तथा डॉ. सुशील कपूर (कपूर साहब) सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।
बाहर से आए ग्रामीणों ने भी सराहा मंचन
नाटक देखने के लिए सरवन के साथ आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी पुरुष, महिलाएं और बच्चे पहुंचे। प्रभावी संवाद, अभिनय और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत कहानी ने दर्शकों को कार्यक्रम से जोड़े रखा। ग्रामीणों ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि नुक्कड़ नाटक जैसे माध्यमों से सरकारी योजनाओं और जनभागीदारी से जुड़े संदेश आम लोगों तक सहज तरीके से पहुंचते हैं।
देवेंद्र भदौरिया नाट्य मंचन टीम द्वारा संस्कृति विभाग से स्वीकृत स्क्रिप्ट के आधार पर प्रस्तुत इस कार्यक्रम का उद्देश्य मनोरंजन के साथ ग्रामीणों में जनजागरूकता बढ़ाना और सेवा, सुशासन तथा जनभागीदारी के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत