रतलाम/बाजना। जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों में जीवन कौशल विकसित करने और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड बाजना के BACs/CACs (विकासखंड एवं संकुल अकादमिक समन्वयकों) का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम शासकीय सांदीपनि विद्यालय, रावटी में आयोजित किया गया। जनजातीय कार्य विभाग, रतलाम की सहायक आयुक्त महोदया के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और जीवन कौशल सत्रों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विकासखंड स्त्रोत समन्वयक उपेंद्र सिंह राठौड़ एवं शासकीय सांदीपनि विद्यालय, रावटी के प्राचार्य अमर सिंह भाभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने जनशिक्षकों के साथ सक्षम कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की तथा विद्यालयों में कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
जीवन कौशल सत्रों की गुणवत्ता और नियमित निगरानी पर जोर
कार्यशाला के दौरान सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के उद्देश्यों, आगामी गतिविधियों और विद्यालय स्तर पर उनके संचालन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को जीवन कौशल सत्रों की संरचना, संचालन के निर्धारित तरीकों तथा उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही, जनशिक्षकों की भूमिका और उत्तरदायित्व को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी को आवश्यक बताया गया।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रवि प्रताप सिंह तोमर ने कार्यक्रम की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने जनशिक्षकों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डालते हुए संकुल स्तर पर मासिक समीक्षा बैठकें आयोजित करने, विद्यालयवार प्रगति का आकलन करने और निर्धारित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
इस दौरान SQMF (Session Quality Mentoring Form) के माध्यम से जीवन कौशल सत्रों के अवलोकन एवं गुणवत्ता मूल्यांकन की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया। इसके जरिए प्रतिभागियों को सत्रों की गुणवत्ता का आकलन करने और सुधार की संभावनाओं को पहचानने की व्यावहारिक जानकारी मिली।
समान अवसर और सहभागिता को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस
कार्यशाला में विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए समान अवसर, समान सहभागिता और जेंडर-संवेदनशील वातावरण विकसित करने को महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल किया गया। जनशिक्षकों को प्रेरित किया गया कि वे विद्यालयों में कौशल गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित करें और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता बढ़ाने के लिए सतत प्रयास करें।
मास्टर ट्रेनर कैलाशचंद्र चारेल ने प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता करते हुए वर्ष 3 का जीवन कौशल सत्र क्रमांक 06 आयोजित किया। उन्होंने प्रतिभागियों को सत्र की संरचना, उसके प्रमुख घटकों और संचालन की प्रक्रिया से अवगत कराया।
प्रशिक्षण के दौरान समस्त जनशिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के अंत में विकासखंड प्रबंधक योगेंद्र सिंह उमठ ने मुख्य अतिथियों, सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य जनशिक्षकों को सक्षम जीवन कौशल कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षित करना, विद्यालय स्तर पर नियमित निगरानी को मजबूत बनाना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना रहा।
रिपोर्ट ईश्वर टांक ( बाजना )
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत