आगर मालवा : भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय की उपयोगिता विषय पर व्याख्यान आयोजित हुएं। यह कार्यक्रम मुख्य वक्ता अतिथि डॉ महेश बंसिया प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय सोयत, विशिष्ट अतिथि डॉ शिवलाल मेवाड़ा, विशेष अतिथि प्रवीण कुमार शर्मा एवं प्राचार्य डॉ जी एल रावल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ महेश बंसिया ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा एवं साहित्य पर अपना उद्बोधन दिया। दुसरे वक्ता डॉ शिवलाल मेवाड़ा ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कम्प्यूटर विज्ञान की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ रावल ने प्राचीन साहित्य, दंत कथाओं, कहानियों की वास्तविकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ जितेन्द्र चावरे ने किया एवं आभार भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ सदस्य डॉ सुखदेव बैरागी ने माना। इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी अनिल पिपलोदिया, अनिल प्रजापति, डॉ बलवंत सिंह दांगी सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
शहर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कम्प्यूटर की उपयोगिता विषय पर व्याख्यान आयोजित हुए
आगर मालवा : भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय की उपयोगिता विषय पर व्याख्यान आयोजित हुएं। यह कार्यक्रम मुख्य वक्ता अतिथि डॉ महेश बंसिया प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय सोयत, विशिष्ट अतिथि डॉ शिवलाल मेवाड़ा, विशेष अतिथि प्रवीण कुमार शर्मा एवं प्राचार्य डॉ जी एल रावल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ महेश बंसिया ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा एवं साहित्य पर अपना उद्बोधन दिया। दुसरे वक्ता डॉ शिवलाल मेवाड़ा ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कम्प्यूटर विज्ञान की उपयोगिता पर व्याख्यान दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ रावल ने प्राचीन साहित्य, दंत कथाओं, कहानियों की वास्तविकता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कार्यक्रम का संचालन भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ जितेन्द्र चावरे ने किया एवं आभार भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ सदस्य डॉ सुखदेव बैरागी ने माना। इस अवसर पर क्रीड़ा अधिकारी अनिल पिपलोदिया, अनिल प्रजापति, डॉ बलवंत सिंह दांगी सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।