खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला द्वारा एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बाल कल्याण समिति का आरोप है कि निजी और शासकीय अस्पताल ने इस घटना की जानकारी समय पर नहीं दी, जो कानून का उल्लंघन है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार डिलीवरी की जानकारी 12 दिन तक छुपाई गई, जबकि कानून के तहत 24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, खंडवा एवं पुलिस अधीक्षक, खंडवा तथा महिला एवं बाल विकास अधिकारी, खंडवा से मामले की जांच कराकर पीड़ित दिव्यांग महिला की सुरक्षा देखभाल, उसके साथ हुए अपराध के संबंध एवं नवजात बच्ची की देखभाल एवं सुरक्षा/संरक्षण के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।
शहर : मानसिक दिव्यांग महिला ने बच्चों को जन्म दिया, अस्पतालों पर सूचना छुपाने का आरोप
खंडवा जिले के हरसूद थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला द्वारा एक निजी अस्पताल में बच्ची को जन्म देने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बाल कल्याण समिति का आरोप है कि निजी और शासकीय अस्पताल ने इस घटना की जानकारी समय पर नहीं दी, जो कानून का उल्लंघन है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार डिलीवरी की जानकारी 12 दिन तक छुपाई गई, जबकि कानून के तहत 24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, खंडवा एवं पुलिस अधीक्षक, खंडवा तथा महिला एवं बाल विकास अधिकारी, खंडवा से मामले की जांच कराकर पीड़ित दिव्यांग महिला की सुरक्षा देखभाल, उसके साथ हुए अपराध के संबंध एवं नवजात बच्ची की देखभाल एवं सुरक्षा/संरक्षण के संबंध में की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन तीन सप्ताह में मांगा है।