रतलाम
रतलाम जिले में शराब ठेकों को लेकर विरोध अब तेज होता जा रहा है। जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार यह मुद्दा गरमाता नजर आ रहा है कि शराब की दुकानें आबादी और धार्मिक स्थलों से दूर स्थापित की जाएं। इसी कड़ी में पलसोड़ा गांव से एक और बड़ा मामला सामने आया है, जहां मंदिर के बेहद समीप शराब की दुकान खोले जाने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
ग्राम पलसोड़ा के समस्त क्षेत्रवासियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रतलाम को सामूहिक आवेदन सौंपा है। आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि मंदिर के पास शराब दुकान संचालित होना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि सामाजिक वातावरण को भी दूषित कर रहा है।
ग्रामीणों ने मध्यप्रदेश आबकारी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के आसपास शराब की दुकान खोलना नियमों के विपरीत है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जांच कर उक्त दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र की शांति और मर्यादा बनी रह सके।
इस विरोध में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वरलाल जाट (उज्जैन), बबलू जाट (रतलाम), जिला अध्यक्ष मयंक जाट, जिला उपाध्यक्ष अजय जाट, सुरेश जाट सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। साथ ही गोपाल, कुनाल, मनोज, आत्माराम, विकास, गजेन्द्र, मनीष, चेतन, अंकित, विनायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन इस आंदोलन में शामिल हुए।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस बढ़ते जनआक्रोश पर क्या कदम उठाता है, क्योंकि रतलाम जिले में शराब ठेकों को लेकर उठ रही यह चिंगारी अब बड़े आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है।
क्राइम रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत