जीरन।शासकीय महाविद्यालय जीरन में सिविल सर्विसेज दिवस मनाया गया कार्यक्रम प्रभारी प्राचार्य डॉ. प्रशांत मिश्रा के निर्देशन में आयोजित किया गया 21 अप्रैल 2026 को भारत में राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस (National Civil Services Day) मनाया जा रहा है। यह 18वाँ सिविल सेवा दिवस है, इस वर्ष का विषय "विकसित भारत: अंतिम छोर तक नागरिक केन्द्रित शासन और विकास" (Viksit Bharat: Citizen-Centric Governance and Development at the Last Mile) है। डॉ. रविकांत जाटव ने बताया की आज का यह दिन हमारे देश के प्रशासनिक ढांचे की मजबूती और समर्पण को सम्मान देने का दिन है। सिविल सेवाएं केवल एक करियर विकल्प नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का एक महान माध्यम हैं।
प्रिय विद्यार्थियों आप सभी देश का भविष्य हैं। आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, और सिविल सेवाओं में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। आप सभी में वह क्षमता है कि आप अपने परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के बल पर इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
सिविल सेवक बनने के लिए केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य, नैतिकता और समाज के प्रति संवेदनशीलता भी आवश्यक है। हमें यह समझना होगा कि एक सिविल सेवक का कार्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना भी है।
मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखें, निरंतर मेहनत करें और कभी हार न मानें। असफलता सफलता की सीढ़ी होती है, इसलिए उससे घबराएं नहीं बल्कि उससे सीख लें।
अंत में, मैं यही कहना चाहूंगा कि आप सभी अपने जीवन में ऊंचाइयों को प्राप्त करें और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।कार्यक्रम का आभार डॉ. शीतल सोलकी ने व्यक्त किया और इस अवसर पर समस्त स्टॉफ और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
विनोद सांवला हरवार