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चीताखेड़ा । “जहां धर्म की ज्योत जलती है, वहां श्रद्धा का सागर उमड़ पड़ता है” — इसी भाव के साथ ग्राम हरवार स्थित आराधना भवन में सोमवार को शासन स्थापना दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।कार्यक्रम परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर जी महाराज आदि ठाणा 3 एवं परम पूज्य साध्वी श्री विरलप्रभा श्रीजी आदि ठाणा 3 की पावन निश्रा में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद शाखा नीमच, विहार परिवार सदस्य एवं हरवार श्रीसंघ की गरिमामयी उपस्थिति में जिन शासन ध्वज लहराया गया तथा शासन स्थापना गीत गाकर पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया गया। मानो “भक्ति की गंगा बह निकली हो” और श्रद्धालु धर्मरस में सराबोर हो उठे हों।धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य भगवंत ने शासन स्थापना दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिवस भगवान भगवान महावीर स्वामी के दिव्य जिन शासन की स्थापना का प्रतीक है, जिसने संसार को अहिंसा, संयम और सदाचार का अमूल्य संदेश दिया। आचार्यश्री ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि —धर्म वह दीपक है, जो जीवन के अंधकार को दूर कर आत्मकल्याण का मार्ग दिखाता है।”उनकी ओजस्वी वाणी सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे । “जिन शासन जयवंत हो” के जयघोष से गूंज उठा।कार्यक्रम में सुनील गोपावत, शरद बरड़िया, राकेश पगारिया, कमलेश गोपावत, निलेश कोठारी, सुशील बरोरिया, संजय मेहता, भरत जैन सहित हरवार श्रीसंघ के अनेक श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे।पूरे आयोजन में श्रद्धा, अनुशासन और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला कि मानो “चारों ओर धर्म की बयार बह रही हो।” उल्लेखनीय है कि आचार्य जिन मणि प्रभ सुरेश्वर जी महाराजा साधु साध्वी मंडल का विहार नीमच से प्रतापगढ़ की ओर हो रहा है गुरुदेव का28 अप्रैल को प्रतापगढ़ में भव्य मंगल प्रवेश होगा। रिपोर्ट : दशरथ माली |