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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर अपने सख्त और सक्रिय अंदाज में उज्जैन के नागझिरी स्थित अडानी एग्रो साइलो गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने मौके पर ही बड़ा फैसला लेते हुए वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने के आदेश जारी किए। इस फैसले से बेमौसम बारिश के दौरान गेहूं को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा। इससे पहले भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाजापुर और खरगोन में उपार्जन केंद्रों का अचानक दौरा कर चुके हैं, जिससे व्यवस्था में सुधार की गति तेज हुई है। किसानों के हित में फैसलों की झड़ी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गेहूं खरीदी सुचारु रूप से चल रही है और किसानों की सुविधा को प्राथमिकता दी जा रही है। स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाने के साथ-साथ अब भुगतान भी 7 दिनों के भीतर किया जा रहा है। तौल कांटों की संख्या बढ़ाई गई है और माल ढुलाई की प्रक्रिया भी तेज की गई है, जिससे किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े। वेयरहाउस क्षमता बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय निरीक्षण के दौरान यह सुझाव मिला कि वेयरहाउस की क्षमता बढ़ाने से बारिश में फसल सुरक्षित रह सकती है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सीएम ने आदेश जारी कर दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और प्रशासन को हर स्तर पर तत्पर रहना होगा। 41 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीदी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक प्रदेश में 41 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हो चुका है। साथ ही चना और मसूर की खरीदी भी जारी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर प्रक्रिया में भाग लें और किसी समस्या की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम से संपर्क करें। किसान कल्याण वर्ष पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि किसानों को अधिकतम सुविधा और सुरक्षा मिले। निष्कर्ष: सीएम के लगातार औचक निरीक्षण और त्वरित फैसले यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार इस बार गेहूं उपार्जन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती—सीधे जमीन पर जाकर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। |