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मंदसौर। हल्दीघाटी शौर्य दिवस के पावन अवसर पर माँ फोसरी की पुण्य धरा संजीत में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के भव्य स्मारक निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम श्रद्धा, उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, समाजजनों एवं सनातन बंधुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि शरद जैन रहे, जबकि पूर्व जिला पंचायत सदस्य भुवानीसिंह रतनपिपलिया अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं करणी सेना प्रदेश प्रभारी दुर्गेशकुंवर भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और अदम्य साहस के प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। समाजसेवी नारायणसिंह चिकलाना ने महाराणा प्रताप के जीवन, त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता एवं संगठन की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत फोसरी के सरपंच प्रतिनिधि राजेश बागड़ी ने की। इस अवसर पर पूर्व जनपद सदस्य इंदरमल राठौर, ग्राम पंचायत संजीत के सरपंच जुल्फिकार मेव, जनपद सदस्य प्रतिनिधि बापूलाल भाटी, दिव्यांग संघ प्रदेश अध्यक्ष शैतानसिंह राठौड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। श्री महाराणा प्रताप स्मारक निर्माण समिति के पप्पुसिंह पिपलिया जोधा, जितेन्द्रसिंह रुपारेल, लखनसिंह रुपारेल, कृष्णपालसिंह खेजड़ी, भूपेन्द्रसिंह गरनाई एवं कुलदीपसिंह खेजड़ी सहित समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वक्ताओं ने कहा कि प्रस्तावित स्मारक केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान, त्याग और वीरता की अमर प्रेरणा का केंद्र बनेगा। भूमि पूजन के साथ ही इस ऐतिहासिक अभियान का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिससे क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में श्री महाराणा प्रताप स्मारक निर्माण समिति की ओर से डॉ. शेरसिंह रायसिंह पिपलिया ने सभी अतिथियों, सहयोगकर्ताओं एवं उपस्थित समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। हल्दीघाटी शौर्य दिवस पर प्रारंभ हुआ यह अभियान क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा, जो वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के गौरवशाली व्यक्तित्व और उनके आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। |