रतलाम। विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय स्थित डे-केयर सेंटर में सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जैसी अनुवांशिक बीमारियों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और भावी पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों और प्रभावित परिवारों ने मिलकर सिकल सेल मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. अखंड प्रताप सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष सिंह, डॉ. आर.आर.सी. डामोर, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र जायसवाल तथा जिला रोगी कल्याण समिति सदस्य एवं काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत थैलेसीमिया योद्धा वर्षा पवार के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने सिकल सेल और थैलेसीमिया से जूझ रहे मरीजों की समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए समाज से जागरूकता अभियान में सहयोग की अपील की।
इस दौरान गोविंद काकानी ने कहा कि सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी अनुवांशिक बीमारियों को जड़ से समाप्त करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे प्रयासों में समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही सिकल सेल मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ समाज का सपना साकार हो सकता है।
कार्यक्रम में मानवता और साहस के उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने वालों का भी सम्मान किया गया। हाल ही में आग बुझाने में साहसिक भूमिका निभाने वाले सिक्योरिटी गार्ड कमलेश, बोन मैरो ट्रांसप्लांट से नई जिंदगी पाने वाली बालिका निदा के दादाजी फिरोज खान तथा बोन मैरो डोनर तनवीर को काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने सिकल सेल रोग के उपचार, आवश्यक दवाओं और सावधानियों की जानकारी देते हुए अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच और समय पर इलाज कराने का आग्रह किया। वहीं सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र जायसवाल ने जिले में संचालित विभिन्न नियंत्रण एवं जागरूकता गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर बाल चिकित्सालय की मैट्रन रानी नेल्सन, डे-केयर सेंटर प्रभारी अलका चौधरी, रेखा वसुनिया, अर्चना जोसेफ और ओमप्रकाश प्रजापत ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही सिकल सेल एवं थैलेसीमिया से प्रभावित बच्चों प्रियंका, अंकित थावरचंद, अंकित करण सिंह, हर्षु, अंबिका, आदर्श, पूजा, आरोही और पायल का स्वास्थ्य परीक्षण कर विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन अलका चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अर्चना जोसेफ द्वारा किया गया। विश्व सिकल सेल दिवस पर आयोजित इस कार्यशाला ने न केवल जागरूकता का संदेश दिया, बल्कि स्वस्थ और सिकल सेल मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को भी मजबूती से रेखांकित किया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत