रतलाम। अघोर परंपरा, साधना और गुरु भक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अखिल भारतीय अघोर अखाड़ा द्वारा अघोर पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन 15 अगस्त शनिवार को किया जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं और अघोर साधना से जुड़े अनुयायियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। महोत्सव का आयोजन भक्तन की बावड़ी मुक्तिधाम, रतलाम में किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार महोत्सव के दौरान धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी। कार्यक्रम की शुरुआत शाम 5 बजे गुरु पूजन, महाभारत पाठ एवं हवन के साथ होगी। इसके पश्चात शाम 7 बजे विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
अघोर परंपरा में गुरु का विशेष महत्व माना जाता है और इसी भाव को केंद्र में रखते हुए महोत्सव में गुरु पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को सेवा, साधना, भक्ति और मानव कल्याण का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा।
महोत्सव के आयोजक चरणनाथ अघोड़ एवं मुक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति, भक्तन की बावड़ी, रतलाम द्वारा श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में पहुंचकर धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता करने और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया गया है।
आयोजकों ने बताया कि अघोर पूर्णिमा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि गुरु परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सेवा की भावना को मजबूत करने का अवसर है। आयोजन में देशभर से जुड़े अघोर साधकों एवं श्रद्धालुओं की सहभागिता रहेगी।
महोत्सव को लेकर आयोजन स्थल पर तैयारियां भी की जा रही हैं। 15 अगस्त को होने वाला यह आयोजन रतलाम में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत