रतलाम । धर्म और आस्था की नगरी रतलाम में गुरुवार को भक्ति, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य गो क्रान्तिकारी संत श्री गोशरणानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा का शुभारंभ विशाल एवं आकर्षक कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, श्रद्धालु एवं धर्मप्रेमी नागरिक शामिल हुए। पूरे यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से वातावरण शिवमय हो गया।
भव्य कलश यात्रा गढ़ कैलाश महादेव मंदिर से प्रारंभ हुई और रामगढ़, त्रिवेणी रोड सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होती हुई मानस भवन, त्रिवेणी कथा स्थल पहुंची। यात्रा में संत समाज बग्गी में सवार होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए चल रहा था।
इस दौरान योगी योगेश्वर नाथ जेठाना, संत श्री सेवक दास कल्लालीय, महंत श्री शिवानन्द सरस्वती सुजापुर, महंत चेतन दास जी पाल्डुना, महंत राजराजेश्वरी मुनि, महंत देवेंद्र दास चौरासी बढ़ायला एवं संत श्री स्वामि नीलभरती जी उज्जैन सहित संत समाज के अनेक संत उपस्थित रहे। संतों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
कलश यात्रा में चार घोड़ों पर सवार चार कन्याएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। हाथों में धर्म ध्वजा थामे इन कन्याओं को गौ माता के चार स्वरूप नन्दा, सुनन्दा, सुरभि एवं सुशीला के प्रतीक रूप में प्रस्तुत किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी चेष्टा भभाना पटेल, सोनाक्षी यादव, सुहाना चंद्रावत एवं चारुल पटेल ने यात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर धर्मप्रेमी नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर संत समाज और श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत किया। कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचने के बाद विधिवत पूजन-अर्चन के साथ शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ।
कथा के माध्यम से भगवान शिव की महिमा, सनातन धर्म के संस्कार, धार्मिक जीवन के महत्व, गौसेवा, समाजसेवा और सेवा भावना का संदेश श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है। श्रद्धालु प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक शिव महापुराण कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे।
प्रथम दिवस कलश यात्रा के समापन के पश्चात मयंक जाट के सौजन्य से भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अनिल पुरोहित ने किया।
आयोजन समिति ने बताया कि शिव महापुराण कथा का उद्देश्य धर्म और संस्कारों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में सेवा, सद्भाव, गौसेवा एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता पैदा करना है। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, मातृशक्ति, युवाओं एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पहुंचकर शिव महापुराण का श्रवण करने और धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत