रतलाम / सैलाना / इंद्रा नगर (भीलो की खेड़ी)। ग्राम पंचायत क्षेत्र इंद्रा नगर (भीलो की खेड़ी) में लंबे समय से गंदे पानी की निकासी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। नाली पूरी तरह चौक होने और गंदे पानी का निकास रुक जाने के विरोध में ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने सड़क पर चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चक्काजाम के कारण मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
चक्काजाम में गोविन्द पारगी, सुखराम डिंडोर, संदीप प्रजापत, रमेश पारगी, अमर सिंह कटारा, गणेश भगोरा, सोहन कटारा, बाबू कटारा, कालू पारगी, लक्ष्मण डिंडोर सहित समस्त पंचायत गण मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि नाली चौक होने के कारण गंदा पानी सड़क पर फैल रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ गंदगी और दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत समन्वय अधिकारी (PSO) एवं सहायक आयुक्त नारायण सिंह मकवाना, सरपंच हेमन्त डामर, उपसरपंच राजू बाई, राकेश निनामा तथा पैसा एक्ट अध्यक्ष समरथ पारगी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।
मौके पर ही सफाई कर्मचारी को बुलाकर नाली की सफाई का कार्य शुरू कराया गया।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत सचिव चतर सिंह खराड़ी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव को कई बार फोन करने के बावजूद वे समय पर मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सचिव अक्सर ग्राम पंचायत में मौजूद नहीं रहते और नशे की हालत में आने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से उपलब्ध रहें तो कई स्थानीय समस्याओं का समय पर समाधान हो सकता है।
ग्रामीणों ने सबसे बड़ी चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा और आवागमन को लेकर जताई। इसी मार्ग से सीएम राइज स्कूल, एकलव्य हाई सेकेंडरी स्कूल भीलो की खेड़ी तथा दो बालिका छात्रावासों में जाने वाले विद्यार्थी आवागमन करते हैं। नाली का गंदा पानी सड़क पर फैलने और रास्ता खराब होने से स्कूल समय में बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाली की स्थायी सफाई के साथ जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में दोबारा चक्काजाम जैसी स्थिति निर्मित न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि सफाई केवल तत्काल राहत तक सीमित न रहे, बल्कि नाली निर्माण और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा शुरू कराया गया सफाई कार्य समस्या का स्थायी समाधान करता है या ग्रामीणों को फिर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत