रतलाम / सकरावदा। ग्राम पंचायत सकरावदा में सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज का तेजा दशमी पर्व इस बार श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। दो दिवसीय धार्मिक आयोजन के दौरान गांव में ऐसा भक्तिमय वातावरण बना कि चारों ओर वीर तेजाजी महाराज के जयकारे गूंजते रहे। नवमी की रात कथा से शुरू हुआ धार्मिक उत्सव दशमी के दिन भव्य शोभायात्रा, निशान चढ़ाने और धार्मिक परंपराओं के साथ चरम पर पहुंचा। सकरावदा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए।
नवमी की रात गूंजी वीर तेजाजी की गाथा
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत नवमी की पावन रात्रि को तेजाजी महाराज मंदिर परिसर में सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज की कथा के आयोजन के साथ हुई। कथा के दौरान वीर तेजाजी महाराज के सत्य, वचनबद्धता, त्याग, साहस और बलिदान से जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा सुनने के लिए सकरावदा के साथ आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कथा के दौरान जैसे ही वीर तेजाजी महाराज के प्रसंगों का वर्णन हुआ, श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर हो उठे। पूरा मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा। देर रात तक श्रद्धालु कथा का श्रवण करते रहे। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सहित आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
डीजे-ढोल की धुन पर निकली भव्य शोभायात्रा
दशमी के दिन वीर तेजाजी महाराज के बलिदान दिवस को तेजा दशमी के रूप में पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर और गांव में धार्मिक माहौल बना रहा। इसके बाद डीजे और ढोल-नगाड़ों की धुन के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। युवा, ग्रामीण और महिलाएं सहित श्रद्धालु नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे थे और लगातार जय तेजाजी महाराज के जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर रहे थे।
शोभायात्रा ने गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने धार्मिक उत्साह के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया। इसके बाद शोभायात्रा तेजाजी महाराज मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से निशान (ध्वजा) चढ़ाए और वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, तांती तोड़ने की परंपरा निभाई
तेजा दशमी के अवसर पर तेजाजी महाराज मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शन और पूजन के लिए मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें नजर आईं। धार्मिक मान्यता और परंपरा के अनुसार मंदिर परिसर में तांती तोड़ने की धार्मिक प्रक्रिया भी संपन्न हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।
श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के समक्ष परिवार की सुख-शांति, क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। आयोजन के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। दो दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन ने सकरावदा को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंग दिया।
श्रद्धा, परंपरा और उत्साह का दिखा संगम
सकरावदा में आयोजित तेजा दशमी पर्व ने एक बार फिर ग्रामीण अंचल में वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था और धार्मिक परंपराओं की गहरी जड़ों को सामने रखा। नवमी की कथा से लेकर दशमी की शोभायात्रा और मंदिर में निशान चढ़ाने तक हर कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। देर तक चले धार्मिक आयोजनों के बीच पूरा सकरावदा जय तेजाजी महाराज के जयघोष से गूंजता रहा और श्रद्धालुओं के लिए यह पर्व आस्था, परंपरा और सामूहिक उत्सव का यादगार अवसर बन गया।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत