मंदसौर। जिले के ग्राम सूपड़ा में रविवार देर रात गणेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक भीषण हादसा हो गया। प्रसाद वितरण के समय अचानक एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार सीधे पूजा पंडाल में जा घुसी। इस हादसे में एक 13 वर्षीय बालिका सहित सात महिलाएं घायल हो गईं। गंभीर रूप से घायल एक महिला को प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में जारी है। घटना के बाद पुलिस अभद्रता का आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को हाईवे पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया।
जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 11 बजे कनघट्टी-सेमली मार्ग स्थित बालाजी मंदिर के यहां गणेशोत्सव कार्यक्रम चल रहा था। प्रसाद वितरण के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। इसी दौरान मोड़ से तेज गति से आ रही कार अचानक अनियंत्रित होकर सीधे गणेशोत्सव के पंडाल में जा घुसी। कार मंदिर के बाहर लगे टेंडर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गई। कार का चेंबर फूटने से मौके पर ऑइल भी फैल गया। हादसे के बाद कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीण घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए।
ग्रामीणों के अनुसार हादसे के समय कार में दो लोग सवार थे। इनमें से एक मौके से भाग गया, जबकि दूसरे को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। उसके साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। सूचना पर पिपलियामंडी पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया।
हादसे में सूपड़ा निवासी सन्नाबाई पति ईश्वरलाल ओड़, रुकमणबाई (37) पति रमेश ओड़, लालीबाई (55) पति शंभूलाल ओड़, गीताबाई (55) पति गट्टूलाल मेघवाल, श्यामाबाई (45) पति समरथ ओड़, 13 वर्षीय दुर्गा पिता रमेश ओड़ तथा भंवरासा नीमच निवासी भगवंताबाई उर्फ शरणीबाई (38) पति भेरूलाल ओड़ घायल हुईं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मंदसौर जिला अस्पताल भेजा गया। इनमें सन्नाबाई की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें उदयपुर रेफर किया।
आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार सुबह घायलों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण पिपलियामंडी थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि थाने में पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण थाने के सामने हाईवे पर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि हादसे में कई महिलाएं घायल हुई हैं और एक महिला की हालत गंभीर है, इसलिए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ घायलों को उचित उपचार व सहायता दी जाए।
वहीं मामले में पुलिस का कहना है कि जब ग्रामीण थाने पहुंचे, उस समय आरोपी कार चालक को मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार ग्रामीण आरोपी के साथ खिंचतान करने लगे, जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को आरोपी से दूर किया, इसी दौरान धक्का-मुक्की हुई।
सुबह करीब 11.30 बजे ग्रामीणों के हाईवे पर बैठने से यातायात प्रभावित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब दो किलोमीटर तक जाम की स्थिति रही। ग्रामीण आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई, घायलों को समुचित उपचार एवं सहायता तथा कथित अभद्र व्यवहार की जांच कर संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
एडिशनल एसपी तेरसिंह बघेल, एसडीओपी पिंटू बघेल और पिपलियामंडी टीआई विक्रमसिंह इवने सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी मांगें सुनीं और दुर्घटना मामले में नियमानुसार कार्रवाई, घायलों को उपचार तथा पुलिसकर्मियों के कथित अभद्र व्यवहार की जांच का आश्वासन दिया। समझाइश के बाद करीब डेढ़ बजे ग्रामीण हाईवे से हटे और यातायात बहाल हो सका।
पिपलिया मंडी टीआई विक्रमसिंह इवने ने बताया कि दुर्घटना के मामले में अर्जुनसिंह पिता कमलसिंह के खिलाफ धारा 281, 125(बी), 110, 351(3), 3(5) तथा 185 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। समाचार लिखे जाने तक पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की कोई जानकारी सामने नहीं आई थी।