रतलाम। भारतीय सनातन परंपरा और शास्त्रों में दान को पुण्य, सेवा और लोककल्याण का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए दीपक शर्मा ने अपने स्वर्गीय पूज्य पिताश्री हेमराज जी शर्मा की पुण्य स्मृति में श्राद्ध पक्ष प्रारंभ होने से पूर्व एक अनुकरणीय पहल की। उन्होंने भक्तन की बावड़ी स्थित श्मशान स्थल पर अंतिम यात्रा में उपयोग आने वाली आवश्यक सामग्री भेंट कर सेवा और सामाजिक सरोकार का संदेश दिया।
इस अवसर पर शर्मा परिवार के सदस्य माताजी श्रीमती कुसुम हेमराज शर्मा, पुत्री लतिका दीपक शर्मा, पुत्र रौनक दीपक शर्मा सहित अन्य परिवारजन उपस्थित रहे। परिवार की ओर से भेंट की गई सामग्री काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी की उपस्थिति में श्मशान प्रबंध समिति के सदस्य मनोज बोरवाल को सौंपी गई।
इस दौरान परिवारजनों ने कहा कि जीवन के बाद भी यदि किसी दिवंगत व्यक्ति की स्मृति समाज के काम आए तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि और क्या हो सकती है। अपने प्रियजन की स्मृति में किया गया सेवा कार्य जरूरतमंदों के लिए उपयोगी बनने के साथ उनकी पुण्य स्मृतियों को भी लंबे समय तक जीवंत रखता है। इसी उद्देश्य से श्राद्ध पक्ष से पूर्व यह सामग्री भेंट की गई, ताकि अंतिम यात्रा के दौरान आने वाले लोगों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो सके।
काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ने भी शर्मा परिवार की इस पहल को सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि धार्मिक आस्था के साथ सेवा भावना जुड़ जाए तो उसका प्रभाव व्यापक होता है। श्मशान स्थल पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना ऐसी सेवा है, जिसकी आवश्यकता किसी भी परिवार को कठिन और भावुक समय में पड़ सकती है।
श्राद्ध पक्ष की शुरुआत से पहले की गई इस पहल ने जहां दिवंगत हेमराज शर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं समाज में ‘पुण्य स्मृति को सेवा से जोड़ने’ की प्रेरणादायी मिसाल भी प्रस्तुत की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत