रतलाम / सैलाना। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के कन्या छात्रावास में 15 सितंबर को कक्षा 12वीं की छात्रा वर्षा सोलंकी की मृत्यु के मामले में प्रशासनिक जांच अब एक और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। मजिस्ट्रियल जांच के तहत प्रशासन ने अब प्रत्यक्षदर्शियों, अप्रत्यक्षदर्शियों और घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी रखने वाले लोगों से कथन एवं साक्ष्य आमंत्रित किए हैं।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं दंडाधिकारी सैलाना सुनील जायसवाल ने बताया कि घटना के संबंध में कोई भी व्यक्ति यदि महत्वपूर्ण जानकारी रखता है तो वह अपना कथन लिखित रूप में शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत कर सकता है। संबंधित व्यक्ति स्वयं उपस्थित होकर भी अपना बयान दर्ज करा सकता है।
7 अक्टूबर को होगी महत्वपूर्ण सुनवाई
प्रशासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित व्यक्ति 7 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सैलाना के कार्यालय में उपस्थित होकर अपना कथन अथवा साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित व्यक्ति अपने साथ घटना से जुड़े उपलब्ध दस्तावेज, अभिलेख, फोटो, वीडियो अथवा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी प्रस्तुत कर सकते हैं। यानी अब जांच केवल प्रशासनिक रिकॉर्ड और अधिकारियों की रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि घटना से जुड़ी जानकारी रखने वाले लोगों के पक्ष को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
छात्रा की मौत के बाद उठे थे कई सवाल
15 सितंबर को छात्रा की मौत के बाद एकलव्य परिसर में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सहित विभिन्न मांगें उठाई थीं। विरोध के दौरान सैलाना-रतलाम मुख्य मार्ग पर भी स्थिति प्रभावित हुई थी।
घटना को लेकर परीक्षा के दौरान छात्रा के साथ हुई कार्रवाई, उसके बाद हॉस्टल तक पहुंचने की परिस्थितियों, छात्रावास की निगरानी व्यवस्था और घटना के तत्काल बाद की स्थिति को लेकर भी सवाल सामने आए थे। हालांकि छात्रा की मृत्यु के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पहले मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, अब मांगे जा रहे साक्ष्य
कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर अजय कटेसरिया ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सैलाना सुनील जायसवाल को सौंपी गई है और उन्हें निर्धारित अवधि में स्पष्ट अभिमत सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब प्रशासन द्वारा आम लोगों से कथन और साक्ष्य आमंत्रित किए जाने से जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। जिस किसी व्यक्ति ने घटना को प्रत्यक्ष देखा हो, घटना से पहले या बाद की परिस्थितियों की जानकारी रखता हो अथवा उसके पास फोटो, वीडियो या अन्य प्रमाण हों, वह 7 अक्टूबर को अपना पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष रख सकेगा।
अब निगाह इस बात पर है कि 7 अक्टूबर को सामने आने वाले बयान और साक्ष्यों से इस पूरे घटनाक्रम की कौन-कौन सी नई परतें खुलती हैं और मजिस्ट्रियल जांच की अंतिम रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आते हैं।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत