मल्हारगढ़। महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में मल्हारगढ़ ब्लॉक के ग्राम खेड़ा काल्याखेड़ी और काल्याखेड़ी कला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर आंगन मिलन सेवा और पोषण का संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभागीय कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने मिलकर गांव को कुपोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में धात्री व गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य समुदाय को पोषण के प्रति जागरूक करना और आंगनवाड़ी की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
आंगनवाड़ी सिर्फ एक केंद्र नहीं, बल्कि गांव के स्वास्थ्य की पहली पाठशाला है। हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि गांव का कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और प्रत्येक गर्भवती महिला को समय पर पौष्टिक आहार मिले।
बच्चों का वजन व ऊंचाई का मापन किया गया। अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनके परिजनों को विशेष पोषण किट वितरित की गई। गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक रूप से गोद भराई रस्म संपन्न कराई गई, जिसमें उन्हें फल और पोषण पोटली भेंट की गई। ग्रामीणों को दैनिक आहार में मोटे अनाज (श्री अन्न) को शामिल करने के लाभ बताए गए। साथ ही शिशुओं के उत्तम स्वास्थ्य के लिए स्तनपान के महत्व पर जानकारी दी गई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि पोषण माह के अंतर्गत गांव-गांव में आंगन मिलन चौपाल लगाई जा रही हैं, ताकि सही पोषण देश रोशन का संदेश हर घर तक पहुंचे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने कुपोषण मुक्त गांव और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: सुरेश डांगी पिपल्या जोधा