रतलाम/जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय छात्र संसद में रतलाम जिले की युवा प्रतिभागी मुस्कान कुँवर वाघेला ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला अवसरों और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दे को राष्ट्रीय मंच पर उठाया। 26 और 27 सितंबर को आयोजित कार्यक्रम की थीम युवा शक्ति, विकसित भारत रखी गई थी।
संवाद से नेतृत्व तक—Debate, Deliberate, Lead विषय पर आयोजित इस आयोजन में देशभर से आए युवाओं ने संविधान लोकतंत्र समानता सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विचार रखे। इसी क्रम में मुस्कान कुँवर वाघेला ने महिलाओं को शिक्षा रोजगार आर्थिक आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन में उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए अवसर और सहायता की व्यवस्था किए जाने का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि महिलाओं की प्रगति केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि उन्हें रोजगार स्वरोजगार और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए व्यावहारिक अवसर भी मिलने चाहिए।
मुस्कान ने युवा शक्ति को सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए संवाद के जरिए समाधान तलाशने और नेतृत्व के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की बात रखी। करणी सेना परिवार के नेतृत्व में राष्ट्रीय छात्र संसद के मंच तक पहुंची मुस्कान के विचारों को रतलाम से जुड़े समर्थकों और शुभचिंतकों ने सराहा।
एक छोटे गांव से राष्ट्रीय स्तर के युवा मंच तक पहुंचना मुस्कान के लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। कार्यक्रम में सहभागिता के बाद उन्होंने युवाओं की सामाजिक भागीदारी और जनहित के मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
रिपोर्टर जितेन्द्र कुमावत