सुसनेर। रंगों के महापर्व होली की धूम शुक्रवार को नगर में जमकर देखने को मिली। सुबह से ही गली-मोहल्लों में होली का रंग चढ़ने लगा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इस पर्व का आनंद लिया। खास बात यह रही कि इस बार लोगों ने हानिकारक पक्के रंगों से दूरी बनाकर हर्बल गुलाल और सूखे रंगों से होली खेली। बच्चों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। पुराने कपड़े पहनकर तैयार हुए बच्चे रंग-गुलाल उड़ाते रहे। माता-पिता ने भी बच्चों को खुलकर त्योहार मनाने दिया, हालांकि कई कक्षाओं की परीक्षाएं भी चल रही हैं। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों को तनावमुक्त रखने के लिए उन्हें होली का आनंद लेने दिया गया। हालांकि, बच्चों में पानी और पिचकारियों का क्रेज कम नहीं हुआ। वे रंग-बिरंगे गुब्बारे और पिचकारियों से होली खेलते नजर आए। युवा टोली ढोल-ढमाके के साथ नगर में घूमी और होली की मस्ती में झूमते हुए एक-दूसरे को रंग लगाया। कुल मिलाकर, इस बार की होली रंगों के साथ-साथ जागरूकता का संदेश भी लेकर आई जहां लोगों ने पर्यावरण और सामाजिक परंपराओं का भी पूरा ध्यान रखा।
गमी वाले परिवारों के घर पहुंची समाजों की टोली:-
नगर में परंपरा के अनुसार इस वर्ष जिन परिवारों में गमी हुई थी वहां समाज के लोग रंग डालने पहुंचे। मान्यता के अनुसार, इससे परिवार का सूतक समाप्त हो जाता है और वे फिर से सभी शुभ कार्यों में भाग ले सकते हैं। नगर की कई समाजों की टोली इन परिवारों तक पहुंची और उन्हें सांत्वना देकर होली के रंगों से जोड़ने का प्रयास किया।
प्रशासन रहा मुस्तैद:-
होली के उल्लास के बीच नगर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
संवाददाता-अर्पित हरदेनिया
मो. 6260167803
देश : सुसनेर में धुलेंडी की धूम... गुलाल और हर्बल रंगों से सराबोर रहे नगरवासी, पक्के रंगों से बनाई दूरी
सुसनेर। रंगों के महापर्व होली की धूम शुक्रवार को नगर में जमकर देखने को मिली। सुबह से ही गली-मोहल्लों में होली का रंग चढ़ने लगा। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी ने मिलकर इस पर्व का आनंद लिया। खास बात यह रही कि इस बार लोगों ने हानिकारक पक्के रंगों से दूरी बनाकर हर्बल गुलाल और सूखे रंगों से होली खेली। बच्चों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। पुराने कपड़े पहनकर तैयार हुए बच्चे रंग-गुलाल उड़ाते रहे। माता-पिता ने भी बच्चों को खुलकर त्योहार मनाने दिया, हालांकि कई कक्षाओं की परीक्षाएं भी चल रही हैं। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों को तनावमुक्त रखने के लिए उन्हें होली का आनंद लेने दिया गया। हालांकि, बच्चों में पानी और पिचकारियों का क्रेज कम नहीं हुआ। वे रंग-बिरंगे गुब्बारे और पिचकारियों से होली खेलते नजर आए। युवा टोली ढोल-ढमाके के साथ नगर में घूमी और होली की मस्ती में झूमते हुए एक-दूसरे को रंग लगाया। कुल मिलाकर, इस बार की होली रंगों के साथ-साथ जागरूकता का संदेश भी लेकर आई जहां लोगों ने पर्यावरण और सामाजिक परंपराओं का भी पूरा ध्यान रखा।
गमी वाले परिवारों के घर पहुंची समाजों की टोली:-
नगर में परंपरा के अनुसार इस वर्ष जिन परिवारों में गमी हुई थी वहां समाज के लोग रंग डालने पहुंचे। मान्यता के अनुसार, इससे परिवार का सूतक समाप्त हो जाता है और वे फिर से सभी शुभ कार्यों में भाग ले सकते हैं। नगर की कई समाजों की टोली इन परिवारों तक पहुंची और उन्हें सांत्वना देकर होली के रंगों से जोड़ने का प्रयास किया।
प्रशासन रहा मुस्तैद:-
होली के उल्लास के बीच नगर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।