पेटलावद/झाबुआ
भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच पेटलावद क्षेत्र के करवड़ सहित आसपास की कई ग्राम पंचायतों में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जल की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने अब प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग उठाई है। वाग्धारा संस्था के सहयोग से गठित कृषि एवं आदिवासी स्वराज संगठन, करवड़ द्वारा जनपद पंचायत पेटलावद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गौरव जैन को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की गई।
संगठन द्वारा किए गए विस्तृत सर्वे में सामने आया कि क्षेत्र के कई गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं तथा नल-जल योजनाएं भी नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं करा पा रही हैं। इसके चलते ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में संगठन ने मांग की है कि सभी खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत करवाई जाए और जिन ग्राम पंचायतों में पानी की भारी कमी है, वहां नियमित रूप से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन योजना बनाकर प्रभावी कदम उठाने की भी अपील की गई है।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि वे लंबे समय से जनहित के मुद्दों पर कार्यरत हैं और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर इस गंभीर जल संकट के समाधान के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार हैं।
इस दौरान कार्यक्रम में जमना कटारा, धनजी मुनिया, शंभू गरवाल, मनोहर कटारा, भगवानसिंह कटारा, कालू भूरिया सहित अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वहीं, ब्लॉक फैसिलिटेटर मुकेश पोरवाल एवं भूरजी परमार का इस अभियान में विशेष सहयोग रहा।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत