शहर : झुलसा देने वाली भीषण गर्मी पर श्रद्धालुओं की आस्था पड़ी भारी, शनिदेव के दिव्य दर्शन करने उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब, मनाया गया कर्मफल दाता का जन्मोत्सव
चीताखेड़ा । शनिश्चरी अमावस्या शनिवार को जीरन मार्ग पर राजीव कॉलोनी में स्थित नवग्रह शनि देव मंदिर पर सूर्यपुत्र दण्डधारी भगवान श्री शनिदेव का झुलसा देने वाली भीषण गर्मी के बावजूद आस्था व श्रद्धा के साथ दो दिवसीय 13 सालों बाद बना दुर्लभ महा संयोग के बीच जन्मोत्सव मनाया गया।इस अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव के दरमियान संगीतमय सुंदरकांड, देवस्थापना/पूजन/हवन , तेलाभिषेक, शनिदेव की संगीतमय कथा,5 कुण्डिय यज्ञ हवन व महाप्रसादी (भण्डारे ) के साथ कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शनिवार को अल सुबह से ही शनिदेव भक्तों का नवग्रह शनि देव मंदिर पर सुर्य पुत्र भगवान श्री शनिदेव के दिव्य दर्शन करने के लिए तांता लगना शुरू हो गया था।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कर्मों के फलदाता दंडाधिकारी सूर्य पुत्र भगवान श्री शनिदेव का दो दिवसीय जन्मोत्सव पर भीषण गर्म लू के थपेड़ों की परवाह किए बगैर श्रद्धालुओं के कदम शनिदेव नवग्रह के अलौकिक मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। झुलसा देने वाली भीषण गर्मी के बावजूद मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी । सभी ने अपनी बारी आने का इंतजार कर प्रभु के दिव्य दर्शन कर अगरबत्ती, श्रीफल,काला कपड़ा, तिल्ली तेल,धात्तु चढ़ा कर अपने परिवार एवं गांव तथा देश की सुख समृद्धि की कामना करते हुए आशिर्वाद लिया है। अल सुबह होते ही विधि-विधान पूर्वक शनि देव की प्रतिमा का पूजन एवं तेलाभिषेक किया गया । तत्पश्चात 5 कुण्डिय यज्ञ में 11 महिला-पुरुषो के जोड़ों ने यज्ञ हवन में बैठकर महामारी बीमारी से बचाव, क्षेत्र में अमन चैन और सुख समृद्धि की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी गई।दिन भर शनिदेव मंदिर शनिदेव के जयकारों से गूंजायमान रहा है। शनिवार को प्रातः 11 बजे विशाल भण्डारा प्रारंभ हुआ जो देर शाम तक चलता रहा जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भण्डारे में पहुंच कर महाप्रसाद ग्रहण की। तत्पश्चात चित्तौड़गढ़ जिले के बोदियाना के प्रसिद्ध कथाकार पंडित तीर्थराज गुरु के मुखारविंद से भगवान श्री शनिदेव की संगीतमय कथा का प्रवाह किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।
रिपोर्ट : दशरथ माली
शहर : झुलसा देने वाली भीषण गर्मी पर श्रद्धालुओं की आस्था पड़ी भारी, शनिदेव के दिव्य दर्शन करने उमड़ा हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब, मनाया गया कर्मफल दाता का जन्मोत्सव
चीताखेड़ा । शनिश्चरी अमावस्या शनिवार को जीरन मार्ग पर राजीव कॉलोनी में स्थित नवग्रह शनि देव मंदिर पर सूर्यपुत्र दण्डधारी भगवान श्री शनिदेव का झुलसा देने वाली भीषण गर्मी के बावजूद आस्था व श्रद्धा के साथ दो दिवसीय 13 सालों बाद बना दुर्लभ महा संयोग के बीच जन्मोत्सव मनाया गया।इस अवसर पर दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव के दरमियान संगीतमय सुंदरकांड, देवस्थापना/पूजन/हवन , तेलाभिषेक, शनिदेव की संगीतमय कथा,5 कुण्डिय यज्ञ हवन व महाप्रसादी (भण्डारे ) के साथ कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
शनिवार को अल सुबह से ही शनिदेव भक्तों का नवग्रह शनि देव मंदिर पर सुर्य पुत्र भगवान श्री शनिदेव के दिव्य दर्शन करने के लिए तांता लगना शुरू हो गया था।हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कर्मों के फलदाता दंडाधिकारी सूर्य पुत्र भगवान श्री शनिदेव का दो दिवसीय जन्मोत्सव पर भीषण गर्म लू के थपेड़ों की परवाह किए बगैर श्रद्धालुओं के कदम शनिदेव नवग्रह के अलौकिक मंदिर की ओर बढ़ रहे थे। झुलसा देने वाली भीषण गर्मी के बावजूद मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी । सभी ने अपनी बारी आने का इंतजार कर प्रभु के दिव्य दर्शन कर अगरबत्ती, श्रीफल,काला कपड़ा, तिल्ली तेल,धात्तु चढ़ा कर अपने परिवार एवं गांव तथा देश की सुख समृद्धि की कामना करते हुए आशिर्वाद लिया है। अल सुबह होते ही विधि-विधान पूर्वक शनि देव की प्रतिमा का पूजन एवं तेलाभिषेक किया गया । तत्पश्चात 5 कुण्डिय यज्ञ में 11 महिला-पुरुषो के जोड़ों ने यज्ञ हवन में बैठकर महामारी बीमारी से बचाव, क्षेत्र में अमन चैन और सुख समृद्धि की कामना करते हुए यज्ञ में आहुतियां दी गई।दिन भर शनिदेव मंदिर शनिदेव के जयकारों से गूंजायमान रहा है। शनिवार को प्रातः 11 बजे विशाल भण्डारा प्रारंभ हुआ जो देर शाम तक चलता रहा जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भण्डारे में पहुंच कर महाप्रसाद ग्रहण की। तत्पश्चात चित्तौड़गढ़ जिले के बोदियाना के प्रसिद्ध कथाकार पंडित तीर्थराज गुरु के मुखारविंद से भगवान श्री शनिदेव की संगीतमय कथा का प्रवाह किया गया जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण की।