रतलाम / जावरा
जावरा की पावन धरती पर गुरु भक्ति, सेवा, समर्पण और समता का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के बीएलएम पैलेस में आयोजित विशाल धर्मसभा में गुरु कस्तुर पावन धाम के लोकार्पण महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह नजर आया। कार्यक्रम में प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी महाराज ने कहा कि जावरा की भूमि सदैव गुरुभक्ति की मिसाल रही है और यहां के प्रत्येक श्रावक-श्राविका में गुरु के प्रति अटूट आस्था विद्यमान है। उन्होंने कहा कि गुरु कस्तुर पावन धाम का लोकार्पण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गुरु के प्रति सच्ची निष्ठा और श्रद्धा का प्रतीक है।
उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि दया, धर्म और दान मानव जीवन का मूल आधार हैं। गुरु की स्मृति में निर्मित इस अमूल्य धरोहर की रक्षा और धर्म आराधना में सभी गुरुभक्तों को समर्पित रहना चाहिए। वहीं उपप्रवर्तक श्री चंद्रेश मुनि जी महाराज ने कहा कि संसार में हर जीवात्मा को अपने कर्मों का लेखा-जोखा लेकर आना और जाना पड़ता है। उन्होंने गुरुदेव कस्तुरचंद जी महाराज के वात्सल्य, करुणा और समाज एकता के योगदान को याद किया।
जावरा की गौरव अनुष्ठान आराधिका डॉ. कुमुदलता जी महाराज साहिबा ने कहा कि गुरु का आशीर्वाद सभी ग्रहों से बड़ा होता है। जिस व्यक्ति के सिर पर गुरु का हाथ होता है, वह हर संकट से सुरक्षित रहता है। डॉ. महाप्रज्ञा जी महाराज साहिबा ने स्तवन के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर दिवाकर भक्त मंडल द्वारा जीवदया सोसाइटी में गायों का स्वामीवात्सल्य भी आयोजित किया गया। इसमें प्रवर्तक श्री विजय मुनि जी, उपाध्याय डॉ. गौतम मुनि जी, श्री चंद्रेश मुनि जी, श्री वैभव मुनि जी, महासती डॉ. कुमुदलता जी, डॉ. महाप्रज्ञा जी, डॉ. पदमकीर्ति जी और राजकीर्ति जी ने मूक प्राणियों को मांगलिक प्रदान करते हुए जीवों के प्रति करुणा का संदेश दिया।
कार्यक्रम की जानकारी संदीप रांका, सुभाष टुकडिया, अभय सुराणा और आनंद रांका ने दी। नवकारसी के लाभार्थी परिवारों में दिलीप कुमार-रवि कुमार चत्तर, भंवरलाल-संदीप कुमार मेहता, शांतिलाल-शरद कुमार ऋषभ दुग्गड़ परिवार का सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में कस्तुर पावन धाम ट्रस्ट अध्यक्ष राकेश मेहता, सुजानमल कोच्चटा, श्रीपाल कोच्चटा, विनोद लुणिया, पारसमल गादिया, बसंतीलाल चपडोद, पुखराजमल कोच्चटा, संजय भंडारी, राकेश पी. कोच्चटा सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।
17 मई रविवार को प्रातः 7:45 बजे नवकारसी बीएलएम पैलेस पर होगी। इसके बाद 8:30 बजे भव्य मंगल प्रवेश चल समारोह बीएलएम पैलेस से श्री कस्तुर पावन धाम तक निकलेगा। प्रातः 9:15 बजे नव निर्मित स्मारक (छत्री), नवीन भवन का लोकार्पण एवं भूमि पूजन होगा। दोपहर 12:15 बजे श्री संघ, बाहर से पधारे महानुभावों एवं आमंत्रित जनों के लिए स्वामीवात्सल्य रखा गया है।
धर्मसभा में बसंतीलाल चपडोद, पारसमल बरडिया, सुशील चपडोद, युसुफ कड़पा, सुशील कोच्चटा, शांतिलाल दुग्गड़, समरथमल ओस्तवाल, अशोक रांका, मनोहरलाल चपडोद, अजीत रांका, वर्धमान मांडोत, मोहनलाल पोखरना, समीरमल चत्तर, सुभाष चोरड़िया, फतेहलाल जैन, आकाश जैन, बाबूलाल भटेवरा, सुरेंद्र मेहता, अशोक भंडारी, अनिल चत्तर, धनसुख चोरड़िया, यश मेहता, राहुल रांका, मनीष पोखरना सहित बड़ी संख्या में गुरुभक्त उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पूर्व महामंत्री सुजानमल कोच्चटा ने किया।
रिपोर्टर जितेंद्र कुमावत