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आगर-मालवा / राज्य शासन की औद्योगिक नीति एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के अनुरूप आगर-मालवा जिले में औद्योगिक विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजनाबद्ध तरीके से विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों के प्रति निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिल रही है। एमपी इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी संचालक श्री राजेश राठौड़ ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जिले के दो औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 394 औद्योगिक प्लॉट विकसित किए गए हैं। हाल ही में आयोजित बिडिंग प्रक्रिया में इन प्लॉट्स के लिए कुल 175 निवेशकों ने रुचि व्यक्त की है। शेष बचे प्लॉट्स के लिए पुनः बिडिंग प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। निवेश एवं रोजगार की संभावनाएं दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के पूर्ण रूप से विकसित होने पर जिले में लगभग 550 करोड़ रुपये के निवेश एवं 3500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध होने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा बड़े शहरों की ओर पलायन में कमी आएगी। साथ ही परिवहन, होटल, खान-पान, मरम्मत एवं अन्य सेवा क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक अधोसंरचना एवं सुविधाए औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, विद्युत, जल प्रदाय, सीवरेज, सुरक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। राज्य शासन की मंशा है कि आगर-मालवा में लघु, मध्यम एवं कुटीर उद्योगों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जाए, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। जिला प्रशासन द्वारा निवेशकों को एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से त्वरित स्वीकृतियां एवं भूमि आवंटन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। स्थानीय उद्यमियों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। आगर-मालवा जिले का औद्योगिक विकास न केवल निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा, बल्कि जिले को प्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगा। राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से आगर-मालवा शीघ्र ही प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा। यह जानकारी एमपीआईडीसी उज्जैन कार्यालय से प्राप्त हुई है। |