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नीमच । राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में मलेरिया की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए मलेरिया प्रभावित ग्रामों में मच्छररोधी कीटनाशक दवा के छिड़काव का कार्य प्रारंभ किया गया है। पूर्व वर्ष के मलेरिया एपिडेमियोलॉजिकल डाटा के आधार पर एक एपीआई से अधिक वाले चिन्हित ग्रामों में अल्फासाइपरमेथ्रिन 5 प्रतिशत कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। प्रथम चरण में 18 अगस्त से 21 सितंबर 2026 तक मनासा एवं जावद विकासखंड के चिन्हित ग्रामों में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा। मनासा विकासखंड के 8 ग्राम नरवाली, गोपालपुरा, बिलवास, बस्सी ब्लॉक, रालवीकुड़ी, पिपल्दा, मालखेड़ा एवं बरखेड़ी तथा जावद विकासखंड के चिन्हित ग्रामों में छिड़काव किया जा रहा है। मलेरिया की रोकथाम के लिए इन ग्रामों में लगभग ढाई माह बाद द्वितीय चरण में 2 नवंबर से 7 दिसंबर 2026 तक पुनः कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद ने ग्रामवासियों से अपील की है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनके घरों में मच्छररोधी कीटनाशक दवा का छिड़काव अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि मलेरिया से बचाव के लिए घरों के आसपास पानी जमा न होने दें तथा मच्छरों की उत्पत्ति रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां बरतें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामवासियों से अपील की गई है कि कीटनाशक दवा के छिड़काव के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि मलेरिया के संक्रमण की प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। |