रतलाम/ सैलाना
सैलाना नगर की पावन धरा पर जैन शासन स्थापना दिवस के अवसर पर ऐसा भव्य और ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिला, जिसने पूरे नगर को धर्ममय रंग में रंग दिया। जैन सितंबर सोशल ग्रुप परिवार के तत्वावधान में जैन धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में पहली बार 13 साध्वी भगवंतों का एक साथ आगमन हुआ, जो समस्त जैन समाज के लिए गौरव और आस्था का अद्भुत क्षण बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक भव्य चल समारोह से हुई, जो छोटा जैन मंदिर जी से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ बड़े मंदिर जी होते हुए जैन धर्मशाला पहुंचा। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर जुलूस का भव्य स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धर्मशाला में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सात वर्षी तप आराधक तपस्वियों का सम्मान कर अनुमोदना की गई। महिला मंडल द्वारा भावपूर्ण गीत-नाटिका और बच्चों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक नृत्य ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
इस दौरान वरिष्ठ श्री भूरामल तातेड़ द्वारा जैन शासन स्थापना ध्वजारोहण किया गया, वहीं भगवान की आरती शैलेंद्र ज्योति चंडालिया द्वारा संपन्न हुई। कार्यक्रम में प्रेरणादायी व्याख्यान ने सभी को धर्म और संस्कारों के प्रति जागरूक किया। संचालन आरती अर्पित रांका ने प्रभावी ढंग से किया।
इस अवसर पर श्री मूर्ति पूजक सकल जैन समाज की विनती पर महाराज साहब द्वारा चातुर्मास स्वीकार करना भी एक महत्वपूर्ण घोषणा रही। साथ ही आगामी दिनों में तीन और साध्वी जी के सैलाना आगमन की सूचना ने श्रद्धालुओं में उत्साह और बढ़ा दिया।
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में समाज के वरिष्ठजनों का विशेष योगदान रहा, सुरेंद्र मेहता, अशोक चंडालिया, ललित चंडालिया, विजय जोशी, संजय रांका, कांतिलाल साहब संघवी, अरविंद संघवी, कुंदनमल साहब चंडालिया, राजेंद्र चंडालिया, अभय रांका, मंगलेश चंडालिया, नवदीप मेहता, तरुण बाफना, मनोज भंडारी, अनिल चंडालिया, मुकेश लोढ़ा, विमल कटारिया, क्षेणिक लोढ़ा एवं संजय जी मांडोत प्रमुख रूप से शामिल रहे।
जैन सितंबर सोशल ग्रुप के अध्यक्ष पंकज चंडालिया ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जैन समाज को एकजुट करना और समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रुप के सदस्यों—सुरेंद्र ग्वालियरी, अभय मोगरा, शैलेंद्र ग्वालियरी, शैलेंद्र चंडालिया, राजेश चंडालिया, सौरभ मांडोत, अर्पित रांका, रूपेश लोढ़ा, रोहित चंडालिया, निर्मल कोठारी, प्रिंस लोढ़ा, पितेश चंडालिया, संजय राठौर, पीयूष चंडालिया, प्रमोद वोहरा, संदीप वोहरा, सालेचा, सौरभ रांका, जितेंद्र जी रांका एवं दिनेश चंडालिया—द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सैलाना में सामाजिक एकता और संस्कारों की सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत कर गया।
रिपोर्टर - जितेंद्र कुमावत