रतलाम
एक ओर केंद्र और राज्य सरकार 2030 तक परिवहन को पूर्णत हरित बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है वहीं दूसरी ओर रतलाम जिले की नगर परिषद धामनोद में सरकारी मशीनरी की घोर लापरवाही सामने आई है स्वच्छता और पर्यावरण के नाम पर लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए तीन ई-कचरा वाहन (ई-रिक्शा) उपयोग के अभाव में धूल फांक रहे हैं और कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं
दिखावे की हरी झंडी हकीकत में ताले में बंद नगर परिषद द्वारा इन ई-वाहनों की खरीद के बाद बड़े तामझाम के साथ पूजा-अर्चना की गई और हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था लेकिन विडंबना देखिए कि रस्म अदायगी के बाद ये वाहन कभी सड़कों पर उतरे ही नहीं वर्तमान स्थिति यह है कि
एक वाहन नगर परिषद के गैराज (टीन शेड) में धूल की परतों के नीचे दबा है
दो वाहन गोडाउन में अन्य कबाड़ और सामग्री के साथ ताले में बंद कर दिए गए हैं
रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया सरकारी धन की खुली बर्बादी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन तीनों वाहनों का अब तक रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) भी नहीं कराया गया है बिना रजिस्ट्रेशन के वाहनों को सड़कों पर न उतारना और उन्हें गलने के लिए छोड़ देना सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी है
इन वाहनों की उपयोगिता पर सवाल?
इन ई-रिक्शाओं को खरीदने के पीछे मुख्य उद्देश्य स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक बनाना था इसके कई लाभ हो सकते थे
संकरी गलियों तक पहुंच ये छोटे वाहन शहर की तंग गलियों से घर-घर कचरा संग्रहण करने में सक्षम हैं
प्रदूषण मुक्त संचालन इनसे वायु और ध्वनि प्रदूषण शून्य होता
आर्थिक बचत डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दामों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों का रखरखाव बेहद सस्ता है जिससे परिषद की वित्तीय स्थिति में सुधार होता
बड़ा सवाल जिम्मेदार कौन?
स्वच्छ भारत मिशन और FAME-II जैसी योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी और सुविधाओं का लाभ उठाकर वाहन तो खरीद लिए गए लेकिन धरातल पर इनका शून्य उपयोग नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है
जब सरकार स्वच्छ वायु पहल और हरित परिवहन के लिए करोड़ों का बजट खर्च कर रही है तब धामनोद नगर परिषद जैसी इकाइयां इन प्रयासों को पलीता लगा रही हैं यह न केवल लापरवाही है बल्कि सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग भी है
निष्कर्ष
यदि इन वाहनों का समय रहते उपयोग शुरू नहीं किया गया तो इनकी बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरण पूरी तरह खराब हो जाएंगे जिससे भविष्य में इन्हें सुधारना और भी खर्चीला होगा अब देखना यह है कि प्रशासन इस खबर के बाद जागता है या ये ई-रिक्शा गोडाउन में बंद होकर इतिहास बन जाएंगे
लेवेन्द्र सिह शेखावत पप्पू भैया रतलाम जिला ब्युरो चीफ SSE NEWS 9926340080