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नीमच। विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट), जिला नीमच, श्री जितेन्द्र कुमार बाजोलिया की अदालत ने मोटरसाइकिल के जरिए 103.130 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 6-6 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। दंडित आरोपियों में देवीलाल पिता फूलचंद गुर्जर (उम्र 30 वर्ष) तथा मांगीलाल पिता मोहनलाल रावत (उम्र 30 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम मालीहेड़ा, तहसील छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) शामिल हैं। न्यायालय ने दोनों को धारा 8/15(बी), एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत सजा सुनाई। मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि 30 सितंबर 2024 को कार्यालय उप नारकोटिक्स आयुक्त, नीमच में मुखबिर से गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के अनुसार, देवीलाल नामक व्यक्ति ग्राम चक सुक्कड़, तहसील छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ स्थित पुलिया के पास से मोटरसाइकिल के जरिए लगभग एक से डेढ़ क्विंटल अवैध डोडाचूरा की तस्करी करने वाला था। सूचना के आधार पर निवारक दल का गठन कर उसे बताए गए स्थान पर तैनात किया गया। रात करीब 10:30 बजे दल को तिराहे पर एक संदिग्ध व्यक्ति तीन कट्टों के साथ खड़ा दिखाई दिया। कुछ देर बाद मोटरसाइकिल पर सवार दो अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे। उनके बीच में दो कट्टे रखे हुए थे। दोनों व्यक्तियों ने मोटरसाइकिल से उतरकर कट्टे नीचे उतारे और तीनों किसी का इंतजार करने लगे। इसी दौरान निवारक दल को अपनी ओर आता देख तीनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया। इनमें से दो व्यक्तियों को पकड़ लिया गया, जबकि एक व्यक्ति फरार होने में सफल रहा। पकड़े गए व्यक्तियों ने पूछताछ में अपना नाम देवीलाल और मांगीलाल बताया। पांचों कट्टों की जांच में कुल 103.130 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा बरामद हुआ। सुरक्षा की दृष्टि से निवारक दल दोनों आरोपियों को मध्यप्रदेश इकाई के निकटतम कार्यालय नीमच लेकर आया। वहां विस्तृत तलाशी के बाद डोडाचूरा और मोटरसाइकिल जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फरार आरोपी के संबंध में अनुसंधान सहित आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद परिवाद विशेष न्यायालय, नीमच में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपराध संदेह से परे प्रमाणित किया विचारण के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान प्रस्तुत कर आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन पक्ष का मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। उन्होंने न्यायालय से आरोपियों को कठोर दंड देने का निवेदन किया। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील ऐरन ने पैरवी की। अधिवक्ता श्री अरुण कुमार शर्मा, श्रीमती निशा घारू एवं सुश्री सलोनी पोरवाल ने सहयोग किया। न्यायालय ने प्रकरण में दोनों आरोपियों को 6-6 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। |